5 दिन का कृषि प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें उन्हें जलवायु अनुकूल खेती की जानकारी दी जाएगी, जिससे खेती की आमदनी बढ़ेगी, आइए जानते हैं पूरी जानकारी।
प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण
खेती में कई तरह की चुनौतियां आती है, जिसमें एक जलवायु परिवर्तन की चुनौती भी किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर देती है। जिसमें बिहार के खगड़िया जिले में खेतों में पानी भरने की समस्या बहुत ज्यादा आती है। जिसमें किसानों को नुकसान होता है। अगर सही फसल का चुनाव न करें तो पूरी तरह से फसल पानी के कारण खराब हो जाती है।
लेकिन सरकार किसानों के साथ खड़ी है उन्हें खेती के तकनीक बताए जाएंगे। जिसमें किसानों को 5 दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें बताया जाएगा कि वह कौन सी फसले लगाएं। जिससे अच्छा उत्पादन मिलेगा। ज्यादा कमाई होगी, तो आइये इस प्रशिक्षण के बारे में जानते हैं।
आधुनिक और जलवायु अनुकूल खेती का प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण में किसानों को यह बताया जाएगा कि कौन सी आधुनिक फसलों का चुनाव करें, जिनका भाव अधिक मिले, जलवायु अनुकूल कौन सी खेती करें, इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुसार फसले बताई जाएंगी फसल चक्र के बारे में जानकारी दी जाएगी। सरकारी योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल कैसे करें, जोखिमों से कैसे बचे, ज्यादा पानी में या फिर कम पानी के लिए कौन सी फसलों का चुनाव करें। जिसमें किसानों को जैविक खेती की भी जानकारी दी जाएगी। ताकि खर्च भी कम हो सके और पर्यावरण में भी प्रदूषण ना फैले।
कृषि प्रशिक्षण के लिए आवेदन कहां करना है
यह प्रसिद्ध शिक्षा प्रगतिशील किसानों को दिया जाएगा। जिसमें किसानों का चयन कर शुरू हो गया है। बता दे की 30 जनवरी तक समय है, आवेदन करने के लिए अभी भी। किसानों के पास मौका है। जिसके लिए कृषि कार्यालय या जिला कृषि विभाग में जाना होगा। खगड़िया में किसानों का चयन करके उन्हें रांची भेजा जाएगा और वहां पर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 5 दिन का रहेगा। बता दे की जलवायु अनुकूल खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रांची में किया जा रहा है।










