गेहूं की आखिरी सिंचाई इस समय करें किसान, 20% तक उत्पादन बढ़ जाएगा, नहीं सुना तो होगा नुकसान

On: February 17, 2026 3:35 PM
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गेहूं की आखिरी सिंचाई समय पर करने के फायदे

गेहूं की आखिरी सिंचाई कब करनी है, अगर आपको यह पता हो तो भारी नुकसान से बच सकते हैं, बल्कि फायदा ले सकते हैं।

गेहूं की आखिरी सिंचाई समय पर करने के फायदे

गेहूं की आखिरी सिंचाई अगर किसान समय पर करते हैं तो उन्हें कई तरह के फायदे होते हैं। जैसे की 20% तक उत्पादन बढ़ जाता है। अगर समय पर नहीं करते तो 20 से 45 या कभी-कभी 50% तक उत्पादन कम होने के चांस रहते हैं, तो आइये इस लेख में आपको बताएंगे कि गेहूं की आखिरी सिंचाई किसान को किस समय पर करनी चाहिए और उस समय कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए।

गेहूं की आखिरी सिंचाई करते समय कौन सी सावधानी बरतें

  • गेहूं की अंतिम सिंचाई करते समय किसानों को कोई सावधानी बरतनी है जैसे कि जब तेज हवा चलती है उस समय नहीं करना चाहिए। क्योंकि अगर मिट्टी गीली हो जाती है तो हवा के चलते फसल जमीन पर गिर सकती है। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है।
  • दूसरी बात यह है कि आपको हल्की सिंचाई करनी है। बहुत ज्यादा पानी नहीं देना है। जब आप आखरी सिंचाई कर रहे हैं तो आईए जानते हैं सिंचाई के समय के बारे में।

गेहूं की आखिरी सिंचाई कब करें

  • गेहूं की आखिरी सिंचाई खेत की मिट्टी पर निर्भर करता है। अगर खेत की मिट्टी चिकनी है, सिंचाई करने के बाद ज्यादा देर तक मिट्टी गीली रहती है, नमि लंबे समय तक बनी रहती है। वॉटर होल्डिंग कैपेसिटी ज्यादा है तो ऐसे में फसल देखना चाहिए। अगर गेहूं के दाने अभी बनना शुरू हुए हैं, उनको दबाने पर दूध निकल रहा है, तब आपको गेहूं की आखिरी सिंचाई करनी चाहिए।
  • लेकिन अगर आपके खेत की मिट्टी रेतीली दोमट है, सिंचाई करने के बाद पानी जल्दी सूख जाता है, वॉटर होल्डिंग कैपेसिटी कम है, तब आखिरी संचाई उस समय करें जब दाने टाइट हो जाए, मतलब कि उन्हें दबाने पर दूध न निकले, वह टाइट हो जाए, तब आपको आखिरी सिंचाई करनी चाहिए। इस तरह से सिंचाई करने पर फसल अच्छी होती है।

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