केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि दूसरे देशों से धान, गेहूं, मक्का या फिर कोई भी डेयरी उत्पादन का आयात नहीं किया जाएगा। जिस पर दरवाजा बंद कर दिया गया।
गेहूं-चावल-मक्का नहीं होगा आयात
अगर दूसरे देशों से अनाज या कोई भी चीज आयात किया जाता है तो इसका फायदा सीधे-सीधे उन्हें ही मिलता है। हमारे देश के किसानों को नहीं। जिसमें जो चीज अपने देश में नहीं है, वह जरूरत की है तो उन्हें मांगना बनता है, लेकिन जो चीज अपने देश में अच्छी मात्रा में उत्पन्न हो रही है, उन्हें दूसरे देशों से मांगना कोई तुक नहीं बैठता है। जिसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कई अटकल आ रही थी। जिसको खारिज कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों के हित में समझौता होगा, किसानों के हित में कोई कमी नहीं होगी। धान, गेहूं, मक्का या कोई भी डेयरी उत्पाद आयात नहीं किया जाएगा।
धान के उत्पादन में नंबर 1 भारत
कृषि मंत्री ने बताया कि चावल का उत्पादन अपने देश में सबसे ज्यादा होता है। नंबर वन पर हमारा देश है, चीन से भी आगे निकल चुका है, इस तरह से चावल का आयात नहीं किया जाएगा।
डेयरी प्रोडक्ट का भी आयात नहीं होगा
किसी ने बताया कि दूध या दूध से उत्पन्न कोई भी चीज का आयात नहीं किया जाएगा जैसे कि दूध दही पनीर घी इत्यादि का आयात नहीं होगा भारत में जो पशुपालक है उन्हें फायदा दिया जाएगा दूध उत्पादक किसानों को पशु पार्कों को नुकसान नहीं होगा मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि डेयरी उत्पाद भारत में आयात नहीं होगा।







