टमाटर किसानों के समय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, 6 से 7 रुपए किलो टमाटर के भाव मिल रहे हैं, जिससे वह कह रहे हैं कि खर्चा भी नहीं निकल रहा।
टमाटर के भाव कहां पर कम है
टमाटर की खेती देश के कई राज्यों में किसान करते हैं। टमाटर की खेती में किसानों को फायदा भी होता है। कभी-कभी टमाटर के भाव बहुत ज्यादा ऊपर चले जाते हैं, ऐसे में एक सीजन में ही किसान अच्छी कमाई कर पाते हैं। लेकिन अगर भाव गिरते हैं तो किसानों को नुकसान भी हो जाता है। जैसे कि इस समय कर्नाटक के यादगीर जिले में टमाटर के भाव बहुत ही ज्यादा गिर रहे हैं। जिसमें किसानों को टमाटर का थोक भाव 6 से 7 रुपए किलो के बीच में मिल रहा है।
वही थोक व्यापारी रिटेलर को यही टमाटर 10 से ₹15 में बेच रहे हैं। जबकि रिटेलर बाजार में यह टमाटर ₹20 किलो में बेंच रहे हैं। इस तरह से आप देख सकते हैं यहां पर सीधा-सीधा किसान को नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि इस तरह से अगर भाव मिलते रहे तो लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। लागत का आधा भी उन्हें नहीं मिलेगा।
टमाटर के भाव अधिक कब मिलते हैं
टमाटर के भाव के बारे में एक्सपर्ट का कहना है इनके भाव तब बढ़ते हैं जब शादी का सीजन होता है। क्योंकि उस समय सलाद, सब्जी इत्यादि में टमाटर का इस्तेमाल बहुत किया जाता है। इसके अलावा होटल और रेस्टोरेंट में भी टमाटर की डिमांड रहती है। लेकिन मंडी में आवक अधिक हो जाती है तो फिर टमाटर के भाव गिर जाते हैं। इस तरह से सब्जियों के भाव गिरने से आम लोगों को तो फायदा है, लेकिन किसान जो की मेहनत और लागत लगाकर फसल खड़ी करते हैं उन्हें इसमें भारी नुकसान हो रहा है।
कोल्ड स्टोरेज की कर रहे किसान मांग
टमाटर के भाव गिरने से किसानों को नुकसान हो रहा है। लेकिन अगर किसान टमाटर को लंबे समय तक स्टोर कर ले तो बाद में जाकर उन्हें अच्छे भाव मिल सकते हैं। जिसके लिए किसान कोल्ड स्टोरेज यानी कि ठंडा भंडारण की मांग कर रहे हैं। बता दे कि किसान के नेता चन्नप्पा अनगुंडी है। जिन्होंने सरकार से कोल्ड स्टोरेज की मांग की है। जिसमें वह सब्जियों को कुछ दिन तक स्टोर कर सके ताकि उन्हें अच्छे भाव मिल सके।
साथ ही सरकार से रीफर वैन की भी मांग की जा रही है। ताकि एक जगह से दूसरे जगह पर टमाटर को ले जाने में आसानी हो, फसल का नुकसान ना हो, गुणवत्ता बढ़िया बनी रहे।









