पाला और शीतलहर से रबी सीजन की फसलों को बचाने के लिए किसान कौन से उपाय कर सकते हैं आइये उनके बारे में जानते हैं।
पाला और शीतलहर से फसल को क्या नुकसान होता है
पाला और शीतलहर से फसलों को बहुत ज्यादा नुकसान होता है जिससे अंत तक उत्पादन कम मिलता है। इसलिए किसानों को कुछ उपाय करने चाहिए। यहां पर कुछ देसी और कुछ स्प्रे के बारे में भी बताएंगे। जिससे आपकी फसल में पाला का असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि इस समय तापमान बहुत ज्यादा नीचे गिरा है। खेतों में घना कोहरा रहता है, और पाला पड़ता है। जिससे अनाज, सब्जी, दलहन और तिलहन फसलों को नुकसान होता है। फसले ज्यादा ठंड की वजह से झुलस जाती हैं।
इससे उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है जो उत्पादन मिलता है उसकी गुणवत्ता भी खराब हो जाती है। इसीलिए यहां पर आपको कुछ उपाय बताने जा रहे हैं जो की कृषि महाविद्यालय के प्रोफेसर द्वारा किसानों को बताया गया है।
पाला से फसल बचाने के लिए हल्की सिंचाई करें
सबसे पहले और सरल उपाय की बात करें तो पाले से फसल बचाने के लिए किसान हल्की सिंचाई कर सकते हैं। क्योंकि जमीन सूखी होने पर पाला का प्रभाव ज्यादा पड़ता है। लेकिन यहां पर बहुत ज्यादा पानी खेत में नहीं भरना है। ज्यादा पानी भरने से फसल पीली पड़ सकती है। इसलिए हल्की सिंचाई करनी है और खेत में नमी बनाकर रख सकते हैं।
खेत के आसपास धुंआ करना
अगर किसान के पास पानी की सुविधा नहीं है, तो वह खेत के आसपास में धुंआ कर सकते हैं। जिससे तापमान नियंत्रित होता है, और कोहरा का असर कम हो जाता है। जिसमें जैसे कि अगर आपके खेत के आसपास सुखी खरपतवार है, तो आप उसकी धुंआ कर सकते हैं। सूखे पत्तों को जला सकते हैं। लेकिन फसल से दूरी पर मेड़ पर जला सकते हैं और खेत में कोहरा कर सकते हैं।
पोटेशियम और सल्फर का स्प्रे
अगर किसान स्प्रे करना चाहते हैं तो यह उपाय कारगर होता है। जिसमें पोटेशियम और सल्फर का स्प्रे कर सकते हैं। मात्रा की बात करें तो 10 ग्राम इसका इस्तेमाल एक लीटर पानी में मिलाकर करना होता है तो आपको जितने पानी की जरूरत हो उसके अनुसार पोटेशियम सल्फर की मात्रा बढ़ा घटा सकते हैं। इससे पाला का असर घट जाता है।
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