फरवरी में सूरजमुखी की खेती मुनाफे के लिए एक अच्छा विकल्प है। आईए जानते हैं कैसे खेती करें, कितना समय लगेगा।
फरवरी में सूरजमुखी की खेती
जायद सीजन में अगर किसान कोई मुनाफे वाली फसल लगाना चाहते हैं तो सूरजमुखी भी एक अच्छा विकल्प है। सूरजमुखी के बीजों के तेल की डिमांड है, और बीजों का इस्तेमाल मुर्गी दाना के रूप में भी किया जाता है, साथ ही 10 से 12 दिन के बीजों को माइक्रो ग्रीन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है, तो इस हिसाब से इसकी खेती करके मुनाफा किसान कमा सकते हैं। वही इसमें जंगली जानवरों का भी खतरा नहीं रहता है। आईए जानते हैं इसकी खेती कैसे करें, कितना समय लगेगा, कितना उत्पादन मिलेगा।
सूरजमुखी की खेती कैसे करें
सूरजमुखी की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है, साथ ही जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, खेत की तैयारी करते समय दो से तीन बार गहरी जुताई करें, गोबर की खाद आखिरी जुताई करके, फिर बीजों की बुवाई करें। जिसमें लाइन में बुवाई करेंगे तो अच्छा होगा। दो लाइन के बीच की दूरी 4 से 5 सेंटीमीटर और दो पौधों के बीच की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखें। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि कली और बीज बनने के समय पर सिंचाई की आवश्यकता अधिक होती है। इसलिए इस समय का ध्यान रखें और सिंचाई करें।
सूरजमुखी की फसल से कितना उत्पादन मिलता है
सूरजमुखी की खेती किसान करते हैं तो 90 से 105 दिन में फसल तैयार हो जाती है। एक हेक्टेयर में 25 से 30 क्विंटल तक उत्पादन मिल जाता है। अगर बाजार भाव किसानों को अच्छा मिल गया तो इसकी खेती में उन्हें मुनाफा है। सूरजमुखी की खेती किसान फरवरी और मार्च में इस समय जायद सीजन में कर सकते हैं।
अगर रबी सीजन में करते हैं तो अक्टूबर-नवंबर में करते हैं। एक एकड़ में बीजों की बात करें तो 2 से 3 किलो सामान्य बीज लगता है और हाइब्रिड भी दो से ढाई किलो एक एकड़ में लगता है। जिसमें हाइब्रिड बीजों की खेती में किसान को अधिक कमाई होती है।
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