MP के किसानों अगर संरक्षित खेती करना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छा मौका है, आधे खर्चे में, फसल की पैदावार बढ़ाने का।
पॉलीहाउस-शेडनेट हाउस-मल्चिंग पर सब्सिडी
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें उन्हें पॉलीहाउस-शेडनेट हाउस-मल्चिंग पर भी सब्सिडी दी जा रही है। जिससे आधे खर्चे में किसान यह सब चीज इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे क्या फायदा है और कितनी सब्सिडी मिल रही है आइये इस लेख में जानते हैं।
पॉलीहाउस-शेडनेट हाउस-मल्चिंग के फायदे
पॉलीहाउस-शेडनेट हाउस-मल्चिंग का इस्तेमाल करके किसान खेती से पैदावार बढ़ा सकते हैं। नुकसान से बच सकते हैं। कई तरह के खर्च बचा सकते हैं, और पहले से अधिक कमाई कर सकते हैं। क्योंकि फसल की गुणवत्ता बेहतर हो जाएगी। पॉलीहाउस में किसान खेती करते हैं तो तापमान नियंत्रित रहता है, एक बंद जगह पर खेती करते हैं कि धूप से नुकसान नहीं होता, पानी कम लगता है, फसल की गुणवत्ता अच्छी रहती है, मौसम की मार से फसल बच जाती है।
इसी तरह से डिलीट शेडनेट का इस्तेमाल करके भी किसान बढ़िया तरीके से खेती कर सकते हैं। छोटे किसान शेडनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। शेडनेट के भीतर धूप, बारिश और ओला से फसल को बचा सकते हैं। मल्चिंग का इस्तेमाल अगर करते हैं तो खरपतवार नहीं उगती है, मिट्टी में तापमान नियंत्रित रहता है, पानी कम लगता है, खरपतवार नहीं उगती तो मजदूरी नहीं लगती है, क्योंकि निराई-गुड़ाई का खर्चा बच जाता है।
पॉलीहाउस-शेडनेट हाउस-मल्चिंग पर कितनी सब्सिडी मिल रही
पॉलीहाउस-शेडनेट हाउस-मल्चिंग पर किसानों को सब्सिडी इसलिए दी जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इनका इस्तेमाल कर सके, जो छोटे किसान है वह भी इनका इस्तेमाल कर सके, और खेती से आमदनी को बढ़ा सके। जिसमें जिला उड्डानीकी कार्यालय में संपर्क करके किसान सब्सिडी का फायदा ले सकते हैं। सब्सिडी के लिए उनके पास से कुछ दस्तावेज भी होने चाहिए जैसे कि आधार कार्ड बैंक, पासबुक की कॉपी, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, खेत का खसरा या b1 की प्रति इत्यादि।
सब्सिडी के प्रतिशत की बात करें तो प्लास्टिक मल्च लगाते हैं तो 50% सब्सिडी मिलेगी। मतलब कि जितना भी लागत आएगी उसका आधा, किसानों को देना पड़ेगा, आधा सरकार से मिल जाएगा। शेडनेट हाउस पर भी 50% सब्सिडी मिल रही है, और पॉलीहाउस पर भी 50% सब्सिडी मिलती है। शेडनेट हाउस किसान 4000 वर्ग मीटर तक सब्सिडी पर लगा सकते हैं। इस तरह सुरक्षित खेती करने का किसान को अच्छा अवसर मिला है।
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