सरकार ने कराई किसानों की मौज, सब्जी के लिए 24 हजार रु, मशरूम पर 1 लाख रु मिल रहे, इन 2 दस्तावेजों से करें आवेदन

On: January 22, 2026 11:10 AM
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सब्जी साग की खेती के लिए अनुदान

किसानों के लिए अच्छी खबर है, सब्जी की खेती के लिए सरकार से ₹24000 मिल रहे हैं, वही मशरूम उगाने के लिए ₹100000 .

सब्जी साग की खेती के लिए अनुदान

सब्जी की खेती में किसानों को फायदा है। कम समय में किसान सब्जियां उगाकर कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा पाते हैं। इसलिए सरकार भी किसानों का सहयोग कर रही है, समय भी इसमें कम लगता है, जिसमें उत्तर प्रदेश के मऊ जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की तरफ से एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को सब्जी सागर की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

जिसमें 50 हेक्टेयर में साग सब्जी की खेती का लक्ष्य बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री राज्य उद्यान की विकास मिशन योजना को शुरू किया गया है। जिससे किसानों को साग सब्जी और हरी सब्जियां जैसे की लौकी, करेला, नैनुवा, तुरई और खीरा की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

सब्जी की खेती के लिए ₹24000 दे रही सरकार

जिसमें सब्जी उगाने के लिए किसानों को एक हेक्टेयर के अनुसार ₹24000 दिए जा रहे हैं। जिससे सब्जी को उगाने और उसकी देखभाल करने में किसानों को मदद मिलेगी। इतना ही नहीं किसानों को शंकर साग भाजी का बीज, जैविक खाद, दवा प्लास्टिक के कैरेट आदि उद्दान विभाग द्वारा भी मिल रहे हैं। जिससे इन सब का खर्चा भी किसानों का घटेगा।

मशरूम उगाने के लिए ₹100000 की सहायता राशि

मशरूम उगाने के लिए भी सरकार किसानों की मदद कर रही है। जिसमें एक छप्पर इकाई लगाने के लिए ₹100000 तक की सहायता राशि उद्दान विभाग की तरफ से किसानों को मिल रही है। इसके अलावा केंचुआ खाद के लिए पाली बैग बनाने के लिए भी सरकार से अनुदान ले सकते हैं। जिसके लिए उद्दान विभाग द्वारा मदद की जा रही है। मशरूम सेहत के लिए फायदेमंद होता है और इसकी अच्छी बिक्री भी बाजार में हो जाती है। कीमत बढ़िया मिल जाती है। इसलिए मशरूम उगाना भी फायदे का सौदा है। खेती के लिए जमीन नहीं है तो एक झोपड़ी के अंदर मशरूम उगा सकते हैं।

इन 2 दस्तावेजों के साथ यहां करें आवेदन

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह अच्छा मौका है। इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए उद्दान विभाग में संपर्क कर सकते है। दस्तावेजों की बात करें तो आधार कार्ड पहचान के लिए और खेत की नकल की आवश्यकता होगी। जिन किसानों के पास 8 बिस्वा से 16 बिस्वा तक की खेती के लिए जमीन है वह इस योजना से जुड़ सकते हैं। बताया जा रहा है कि सामान्य श्रेणी में 40 हेक्टेयर, वहीं अनुसूचित जाति के किसानों को 10 हेक्टेयर तक फायदा देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य हाइब्रिड सब्जियों की खेती के रकबे को बढ़ाना है, जिससे मंडी में किसानों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।

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