प्याज-लहसुन की खेती का खर्चा घटेगा सरकार से 60% सब्सिडी मिल रही है, और उन्नत किस्म के बीच साथ ही खेती की जानकारी मिलेगी।
प्याज-लहसुन की खेती पर सब्सिडी
प्याज-लहसुन की खेती पर किसानों को होने वाले फायदे को देखते हुए सरकार द्वारा उन्हें सब्सिडी जा रही है। जिससे खर्च कम हो है, जिसमें उद्दान विभाग द्वारा किसानों को लहसुन, प्याज जैसी मसाले की खेती के लिए प्रोत्साहित दिया जा रहा है, और उन्हें 60% तक की सब्सिडी जा रही है। जिससे खाद, बीज और अन्य खर्च घटाने में किसानों को मदद मिलेगी और साल भर डिमांड में रहने वाले इन फसलों की खेती से किसान अधिक आमदनी भी कर पाएंगे।
यह सब्सिडी किसानों का जिला उद्दान विभाग की एकीकृत बागवानी मिशन के तहत मसाला फसलों के लिए दिया जा रहा है, जो कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में चलाई जा रही है।
प्रशिक्षण और उन्नत किस्म के बीज का वितरण
प्याज-लहसुन की खेती के लिए किसानों को उन्नत किस्म के बीज दिए जा रहे हैं। जिससे उत्पादन अच्छा मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें प्रशिक्षण में दिया जा रहा है। जिससे उन्हें किस मिट्टी में लगाना है, किस तरीके से लगाना है, और कौन सी खाद देनी है, कब कटाई करनी है, किस तरीके से यह सारी चीजों की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जायेगी।
जिसमें रुदौली तहसील क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार बता दे कि वहां पर अभी 300 किसानों को इससे जोड़ा गया है। जिससे 500 हेक्टेयर जमीन में लहसुन और प्याज की खेती होगी। इस तरीके से अन्य किसानों को भी योजना से जुड़ी जानकारी मिलेगी। बता दे कि इन किसानों में योजना को लेकर उत्साह देखा जाना है।
प्याज-लहसुन को किसान लंबे समय तक स्टोर करके अच्छी कमाई भी कर सकते हैं। लहसुन की खेती में अच्छा उत्पादन अगर मिल जाता है, तो उसपर 5 लाख से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं। अगर अच्छा भाव में मिल जाए तब, लागत वहीं 50 से ₹60000 तक बताई जा रही है।
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