Solar Camera: अगर खेती करते हैं या पशुपालन करते हैं तो आपके लिए यह जुगाड़ बहुत ही ज्यादा मददगार है, मजदूरों की जरूरत नहीं पड़ेगी निगरानी के लिए।
सोलर कैमरा टेक्नोलॉजी
खेती पशुपालन दोनों में फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए दिन और रात के समय भी निगरानी करनी पड़ती है। अगर किसान के पास समय नहीं रहता तो वह मजदूर रखते हैं। जिससे खर्च बढ़ जाता है। फसलों को जंगली जानवरों का खतरा रहता है, और अगर जैसे मछली पालन करते हैं, तो वहां पर भी चोरों के लिए जंगली पशुओं के लिए निगरानी के लिए मजदूर रखने पड़ते हैं। लेकिन अगर आप चाहे तो इन सब से छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं।
सोलर कैमरा टेक्नोलॉजी एक ऐसा जुगाड़ है, जिससे एक कैमरे से निगरानी का काम पूरा किया जा सकता है। इसका खर्चा मजदूरी से कम पड़ता है, साल भर में जितनी मजदूरी लगेगी उससे कई गुना कीमत इसकी कम होती है, तो यह ज्यादा लाभकारी है तो आइये बताते हैं यह कितने में पड़ता है, और किस तरीके से काम करता है।
सोलर कैमरा कैसे खेत की सुरक्षा कम लागत में करेगा
सोलर कैमरा सौर ऊर्जा से चार्ज होकर चलेगा। इसलिए इसमें बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह 24 घंटे खेत की निगरानी करेगा। अगर आप मछली पालन करते हैं तो यह तालाब के आसपास के क्षेत्र की निगरानी करेगा। एक कैमरा से दो बीघा तक के क्षेत्र की निगरानी कर सकते हैं। अगर आपके जमीन पर कोई इंसान या कोई जानवर आता है तो यह आपके मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजेगा। कि हां कुछ है तो फिर अपने मोबाइल में देख भी सकते हैं, और तुरंत पहुंच सकते हैं।
सोलर कैमरा लगवाने में कितना खर्चा आएगा
किसान या पशुपालक सोलर कैमरा लगवा रहे हैं तो उनके लिए यह बहुत ही ज्यादा मददगार साबित होगा। मजदूरों की लागत घट जाएगी। जिसमें खर्च की बात करें तो एक कैमरा में 10 से ₹12000 का खर्चा आता है, और साल में एक बार इसमें लगे सिम का रिचार्ज भी करवाना होता है। फिर आप कहीं भी जाएं आए आपके फोन में आपके खेत के बारे में पूरी जानकारी होगी की, खेत में कोई है या नहीं।
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