छोटी नर्सरी की स्थापना करके महीने के अच्छे खासे पैसे कमा सकते हैं। इसलिए राज्य सरकार 10 लाख रुपए तक सब्सिडी दे रही है, तो आईए जानते हैं लागत।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना
अगर आपको बागवानी का शौक है, पौधे लगाने का शौक है, तो इससे कमाई भी कर सकते हैं। छोटी सी नर्सरी की स्थापना करके अच्छी खासी आमदनी ले सकते हैं। इसमें जगह की भी कम जरूरत पड़ेगी, खर्चा भी कम आएगा। सरकार से भी मदद मिल जाएगी। जिससे आसानी से छोटी नर्सरी की स्थापना कर सकते हैं। जिसमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत छोटी नर्सरी की स्थापना के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 50% अनुदान मिल रहा है। जिसमें 10 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के अनुसार अनुदान दिया जा रहा है।
छोटी नर्सरी की स्थापना
छोटी नर्सरी की स्थापना के लिए इकाई लागत 20 लाख रुपए प्रति हेक्टर बताई जा रही है। जिसमें 50% मतलब के 10 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के अनुसार अनुदान दिया जा रहा है। यानी कि सिर्फ आधा खर्चा ही करना पड़ेगा। जिसमें योजना के अंतर्गत पहले किस्त में 60 फ़ीसदी ही पैसा दिया जाएगा जो की ₹6 लाख रुपए है, और दूसरी किस्त में 40% मतलब की ₹400000 सब्सिडी के तौर पर मिलेंगे। पैसा लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के द्वारा भेजा जाएगा। आईए जानते हैं इस योजना का फायदा कब तक मिलेगा आवेदन की अंतिम तिथि क्या है।
छोटी नर्सरी के लिए पौधे
छोटी नर्सरी के अंतर्गत फल, फूल और औषधीय पौधे लगा सकते हैं। जैसे कि अमरुद, नींबू, आम, पपीता, इत्यादि के पौधे तैयार करके उनकी बिक्री कर सकते हैं। फूलों में गेंदा, गुड़हल, गुलाब आदि लगा सकते हैं। साथ ही तुलसी, लेमनग्रास जैसे औषधीय धार्मिक पौधे भी लगाकर उनकी बिक्री कर सकते हैं। पौधे खरीदने के लिए आप सरकारी नर्सरी, ब्लॉक पंचायत स्तर पर या कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। वहां पर कम रेट में पौधे मिल जाएंगे।
छोटी नर्सरी पर सब्सिडी कैसे मिलेगी
छोटी नर्सरी पर सब्सिडी लेने के लिए ऑनलाइन भी सुविधा दी गई है। जिसमें विभाग की वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर छोटी नर्सरी की स्थापना के लिंक पर जाना होगा और जरूरी विवरण के प्रविष्टि करते हुए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा बताया गया है कि डीबीटी पंजीकृत आवेदक उद्दान निदेशालय की वेबसाइट पर छोटी नर्सरी का मॉडल प्रोजेक्ट डाउनलोड कर ले और प्रोजेक्ट में मांगी गई विवरण की प्रविष्टि करके जिला उद्यान पदाधिकारी को समर्पित करें।
इससे योजना का फायदा मिलेगा। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्दान पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं. आवेदन के अंतिम तिथि 25 जनवरी 2026 बताई जा रही है। निदेशक उद्दान विभाग द्वारा यह जानकारी बिहार के व्यक्तियों को दी जा रही है। बिहार के किसानों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों, बेरोजगार युवाओं और उद्यमियों के लिए यह योजना बहुत ही ज्यादा लाभकारी है।
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