किसानों को मिली राहत, कलेक्टर द्वारा मिला निशुल्क बीज और खेती से फायदे की जानकारी, जानिए पूरी खबर।
बड़वानी में किसानों को निशुल्क उन्नत बीज वितरित
किसान अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी आदि का ध्यान रखकर अगर फसल का चुनाव करते हैं तो उन्हें अच्छा उत्पादन मिलता हैं। जिसमें सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित करती है। उन्हें उन्नत बीज देती है। ताकि वह अपने क्षेत्र में वह फसल लगाकर अच्छी कमाई कम लागत में कर सकें। जिसमें मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में तिलहन फसलों की खेती के रकबे को बढ़ाने पर सरकार जोर दे रही है। जिसके लिए किसानों को जिला प्रशासन की तरफ से बीज दिए जा रहे हैं।
बता दे की कलेक्टर श्रीमती जयती सिंह द्वारा उन्नत बीज शुल्क वितरित किया गया है। आकांक्षी विकासखंड पाटी भ्रमण के दौरान स्थानीय किसानों को तिल के बीज निशुल्क मिले है, जो कि किसानों के लिए उपहार की तरह था।
कलेक्टर ने बताये तिल की खेती के फायदे
कलेक्टर द्वारा किसानों को तिल के बीज निशुल्क दिए गए। साथ ही तिल की खेती के फायदे भी बताए गए। उन्होंने बताया कि आपके क्षेत्र की जलवायु तिल की खेती के लिए बढ़िया है। तिल की फसल को पानी की जरूरत कम पड़ती है। इसलिए ज्यादा सिंचाई की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, और अच्छी आमदनी भी इससे किसानों की हो सकती है। क्योंकि आपके क्षेत्र में बढ़िया गुणवत्ता वाला तिल ज्यादा मात्रा में उत्पन्न होगा।
तिल की फसल 80 से 90 दिन में तैयार हो जाती है, और यह सुखा प्रतिरोधी फसल होती है। जंगली जानवर जैसे कि नीलगाय, वन्य जीव इस फसल को नुकसान नहीं पहुंचाते जिससे किसानों को नुकसान नहीं होगा। आईए जानते हैं किन किसानों को यह बीज दिए गए हैं।
इन किसानों को मिले निशुल्क तिल के बीज
बीज वितरण के दौरान कई किसानों को फायदा हुआ है। जिनमें इनका नाम आता है, कलेक्टर साहिब द्वारा इन किसानों से सीधा संवाद हुआ है। जिससे किसानों को खेती की जानकारी भी मिली है।
बाजार में बढ़ती तिल की मांग, किसानों को अच्छा मुनाफा कम लागत में दे सकती है, सरकार से बीज मिल रहे हैं, जिससे खेती की लागत भी घटेगा, इसके अलावा मिट्टी की गुणवत्ता भी बढ़िया होगी। इसकी जड़े गहराई तक जाती है। जिससे मिट्टी स्वस्थ होती है। नमी संरक्षण में सुधार होता है। अगर किसान चाहे तो मिश्रित फसल के साथ इसकी खेती कर सकते हैं। दिल की फसल को शुरुआत में 20 से 25 दिन खरपतवार नियंत्रण की जरूरत होती है। अगर चाहते हैं कि दिमाग ना लगे तो बीज का उपचार जरूर करें।
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