किसानों को अब नकली बीज, कीटनाशक आदि से छुटकारा मिल सकता है। नए सीड बिल से जुर्माना बढ़ेगा, किसानों के साथ नहीं होगी धोखेबाजी।
किसानों को नए सीड बिल से क्या फायदा है
किसानों को नकली बीज से बहुत ज्यादा नुकसान होता है। पहले तो किसान पैसे देकर नकली बीज को असली समझ कर खरीद लेते हैं, फिर खेत की तैयारी करते हैं, और इसकी बुवाई करते हैं, फिर एक निश्चित समय तक इंतजार करते हैं के बीज अंकुरित होंगे, लेकिन नकली बीज होने के कारण वह अंकुरित नहीं होते हैं या कभी-कभी उनका विकास धीमा होता है, रोग बीमारी अधिक रहती है, ऐसे में किसानों को बहुत नुकसान होता है, उनके पैसे भी बर्बाद होते हैं, समय की बर्बादी होती है, और जो फसल को खाद पानी देते हैं खेत की तैयारी करते हैं इनमें खर्चा अलग बर्बाद हो जाता है।
इसीलिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के साथ अब यह धोखेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए सीड बिल आने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसमें जुर्माना बढ़ेगा। जिससे बीज बनाने वाली कंपनियां हर हाल में असली बीज बनाने की कोशिश करेंगे। बीज की टेस्टिंग होगी, बीज बनाने वाली कंपनियां पंजीयन करेंगे, इस तरह से सीड निर्माताओं पर सख्त निगरानी होगी तो किसान भाइयों आइये जानते हैं कि अब कितना जुर्माना लगेगा।
बीज अधिनियम 1966 में क्या बदलाव होगा
बीज अधिनियम 1966 में यह दिया गया है कि अगर कोई बीज अधिनियम 1966 का उल्लंघन करता है तो उस पर ₹500 का जमाना लगता है। यानी कि नकली, घटिया गुणवत्ता वाले बीज अगर बाजार में मिलते हैं, निर्माता कंपनी पकड़ाती है तो ₹500 जुर्माना लगता है जो की बहुत ज्यादा इस समय के अनुसार कम है। ऐसे में बीज निर्माता के बीच डर नहीं रहता है, नकली खाद-बीज-कीटनाशक आदि बनाने में। इसलिए नए बीज विधेयक को लाया जाएगा।
नए सीड बिल से किसानों को बहुत ज्यादा फायदा होगा। बताया जा रहा है कि नए बीज विधेयक के अनुसार अगर नकली बीज कोई बेंचता है तो मामले के अनुसार एक लाख से लेकर 30 लाख रुपए तक जुर्माना लगेगा। यानी कि जितना बड़ा किसानों के साथ अगर कोई घोटाला करेगा तो उसके अनुसार उन्हें दंड भी मिलेगा। इतना ही नहीं बताया गया की नई सीड बिल में 3 साल तक की जेल भी हो सकती है। इसलिए बीज बनाने वाली कंपनियां नियमों का ध्यान पूरी तरह से रखेंगे।
नए सीड बिल कब लागू होंगे
नए सीड बिल के लागू होने कि अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। लेकिन आपको बता दे की बीज विधेयक संसद सत्र में पेश किया जाएगा, जो की 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। फिर 1 फरवरी को जब बजट आएगा तो इसके लिए फंड और विस्तारित नियमों की घोषणा होगी।
साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि संसद में कीटनाशक विधायक भी पेश होगा। जिसमें पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल 2020 पेश किया जाएगा। इस तरह से खेती से जुड़े कानून को आधुनिक बनाया जा रहा है। किसानों को हर हाल में असली बीज मिले इसके लिए ख्याल रखा जा रहा है।










