देश के किसानों को खाद की सब्सिडी का पैसा उनके खाते में मिलेगा। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को योजना की तैयारी के निर्देश दिए।
खाद की सब्सिडी का पैसा किसानों को मिलेगा
किसानों को खाद कम रेट में मिले, सस्ती मिले, इसलिए सरकार उस पर सब्सिडी देती है। लेकिन यह सब्सिडी का पैसा कंपनी को जाता है। मगर अब किसानों के बैंक खाते में आएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक प्रस्ताव को समर्थन दिया है। जिसमें यह है कि खाद पर जो सब्सिडी मिलती है वह सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाए।
जिसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए योजना तैयार की जाए, जिससे किसानों को जल्द से जल्द इसका फायदा मिल सके। आइये आपको बताते हैं कि कितना पैसा सब्सिडी का आता है।
खाद की सब्सिडी का पैसा कितना मिलता है
किसानों को सस्ते में खाद उपलब्ध करवाने के लिए 1.70 लाख करोड रुपए की सब्सिडी का पैसा दिया जाता है। मंत्री जी ने बताया कि खाद सब्सिडी की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए प्रयास किया जाएगा। इस समय 1.70 लाख करोड रुपए से ज्यादा की राशि कंपनी को दी जा रही है। जिससे किसानों को कम भाव में खाद मिल सके।
जिसमें खाद के भाव की बात की जाए तो किसानों को यूरिया का एक बैग जो 45 किलो का होता है तो वह 266 रुपए में और डीएपी का एक बैग 50 किलो का 1350 रुपए में दिया जा रहा है। जिसके लिए सरकार सब्सिडी देती है ताकि यह कम रेट में किसानों को मिल सके, तो आईए जानते हैं आखिर इस व्यवस्था में बदलाव क्यों किया जा रहा है।
खाद की सब्सिडी किसानों को क्यों दी जाएगी
खाद की सब्सिडी किसानों को दी जाने के पीछे कुछ कारण है, वह यह है कि लंबे समय से खाद की कालाबाजारी और डायवर्जन की समस्या आ रही है। किसानों को आवश्यकता के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है, सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि किसानों को सब्सिडी पर खाद मिले। लेकिन सब्सिडी वाली यूरिया दूसरी जगह पर डाइवर्ट हो रही है। जिसमें किसानों को नहीं दूसरों को फायदा हो रहा है।
इसलिए जब सब्सिडी का पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में जाएगा तो वह अपनी जरूरत के अनुसार जाकर खाद खरीद सकेंगे और जो लोग किसानों के हिस्से की सब्सिडी का लाभ उठा रहे थे उन पर लगाम लगेगी।











