राज्य सरकार ने किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा दिया है। जिसमें जिन किसानों की चक्रवात, बारिश से बर्बाद हुई फसल का उन्हें 111.96 करोड रुपए का मुआवजा मिला है।
बारिश से बर्बाद हुई फसल का मिला मुआवजा
किसान खेती में कितनी भी मेहनत का लें, लेकिन अगर प्रकृति मेहरबान नहीं होती तो किसानों को नुकसान हो ही जाता है। जैसे कि तमिलनाडु में 2025 में मानसून और चक्रवात के कारण 1.39 लाख एकड़ की कृषि और बागवानी फसल खराब हुई थी। जिससे 84848 किसानों को नुकसान हुआ था। इसलिए सरकार ने उन्हें 111.96 करोड रुपए का मुआवजा जारी किया है।
दिसंबर 2025 में भी किसानों को मिले थे करोड़ों रुपए
इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी 289.63 करोड रुपए किसानों के खाते में गए थे। जिसमें 3.60 लाख किसानों को फायदा हुआ था। यह राशि किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। जिसकी जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति द्वारा दी गई थी। जिसमें दिसंबर में हुई समीक्षा बैठक और राजस्व कृषि विभाग के माध्यम से प्रभावित जिलों के नुकसान का सर्वे किया गया और फिर किसानों को मुआवजा अब दिया गया है।
इन जिलों के किसानों को मिला मुआवजा
जिसमें बात करें जिलों की तो तमिलनाडु के 33 जिलों के किसानों को मुआवजा 15 जनवरी 2026 को दिया गया है। जिसमें धर्मपुरी, कन्याकुमारी, अरियालुर, चेंगलपट्टू, , डिंडीगुल, कल्लाकुरिची, कांचीपुरम और कुड्डालोर जिले के किसान आते हैं।
जिसमें मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दे की 4.90 लाख एकड़ कृषि फसले खराब हुई थी। जबकि 76,132 एकड़ बागवानी फसलों को नुकसान हुआ था। इसके नुकसान का मुआवजा किसानों को दिया गया है। क्योंकि भारी बारिश के कारण खेत में पानी भर गया था जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। लेकिन किसानों को सरकार से मुआवजे की राशि मिली है जिससे आने वाली फसलों की खेती के लिए उन्हें मदद मिलेगी।










