होली पर किसान भी कमाई कर सकते है। आइये जानते है इस समय डिमांड में रहने वाले हर्बल गुलाल के बारें में, जिन्हे बस्तर की बिहान दीदियां बना रही है।
हर्बल गुलाल क्या है
गुलाल रंग होता है, जिससे होली खेली जाती है। लेकिन बाजार में केमिकल वाला जो गुलाल मिलता है उससे चेहरे को, बाल को, शरीर को नुकसान होता है। इस लिए आजकल हर्बल गुलाल का ट्रेंड चल रहा है। हर्बल गुलाल प्राकृतिक चीजों से बनाया जाता है। जिससे कोई नुकसान नहीं होता है। हर्बल गुलाल किसान बना सकते है, वह भी बेहद कम खर्चे में। बस्तर की बिहान दीदियां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी है, प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल बना रही हैं जो कि रसायन-मुक्त होता है, यह इको-फ्रेंडली है। आइये जानते है हर्बल गुलाल कैसे बनायें जा रहे कहां बेचे जा रहा।
हर्बल गुलाल कैसे बनता है
हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग होता है। इसे बनाने के लिए फूलों, पत्तेदार सब्जियों, आटा इत्यादि का इस्तेमाल होता है। जिसे किसान भी बना सकते है क्योकि यह सब चीजे किसानों के पास होती है। इससे किसानों को अतिरिक्त कमाई हो जाएगी। जैसे कि पलाश के फूलों से केसरिया, नारंगी रंग गुलाल बनाया जाता है, वहीं पालक भाजी से हरा गुलाल बनाया जाता है। इन्हे महकाने के लिए गुलाब की महक डाली जाती है। गुलाब जल से इसे सुगन्धित बनाया जाता है। इसके आलावा लाल भाजी से लाल गुलाल बनाया जाता है। इसमें किसी तरह का रासायनिक पदार्थ नहीं जाता है।

हर्बल गुलाब बनाने के लिए प्रशिक्षण
हर्बल गुलाब बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिससे लोगो को रोजगार मिलता है। जिसमें इस समय जगदलपुर के क्रांतिकारी डेबरीधूर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें उन्हें दो दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 9 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से हर्बल गुलाल बनाने की ट्रेनिंग यहां पर मिल रही है। साथ ही बता दे कि 500 से 1000 किलो तक हर्बल गुलाल बनाये जा रहे है। जिससे अच्छी कमाई भी हो सकती है।
कहाँ बेचेंगे हर्बल गुलाल
हर्बल गुलाल बेचने के लिए भी किसानों के पास जगह होनी चाहिए। जिसमें आजकल तो ऑनलाइन भी बेचा जा सकता है। जिसमें इन दीदियों की बात करें तो इनका हर्बल गुलाल जगदलपुर शहर के प्रमुख स्थानों पर बेचा जाएगा, जैसे कि शासकीय कार्यालयों में, विशेष स्टॉल और स्थानीय बाजार आदि जगहों में। इस तरह से महिलाओं को यहाँ पर लाभ होगा।
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