किसानों को इस फसल की खेती के लिए सरकार प्रति हेक्टेयर ₹10000 देगी। जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों के लिए यह घोषणा की गई है।
दलहन में आत्मनिर्भर के लिए किसानों को प्रोत्साहित
देश में दाल की खेती अधिक से अधिक की जाए इसलिए सरकार किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। दलहन में अभी आयात होता है। लेकिन सरकार चाहती है कि देश दलहन में भी आत्मनिर्भर बन जाए। जिस तरह हमारे देश में गेहूं और धान की खेती अधिक होती है हमारा देश गेहूं और धान की खेती में आत्मनिर्भर है इस तरह दलहन की खेती भी की जाए। इसीलिए सरकार ने इस वर्ष दलहन आत्मनिर्भरता मिशन घोषित किया है, जो कि पूरे देश में लागू है।
जिसमें अभी प्रारंभिक चरण है, और इसमें तमिलनाडु में दाल उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह से प्रयास कर रही है। किसानों को बीज, खेती के लिए राशि और डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट उपलब्ध करवा रही है।
दाल की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर ₹10000
जिसमें बताया गया कि तमिलनाडु में दाल की खेती के लिए किसानों को अच्छे क्वालिटी के बीज दिए जाएंगे। अलग क्लस्टर और डेमोंसट्रेशन प्लाट दिए जाएंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि डेमोंसट्रेशन के लिए किसानों को ₹10000 प्रति हेक्टेयर मिलेगा, और दलहन की खरीदी भी सरकार करेगी। जिससे किसानों को उचित भाव मिलेगा। प्रोसेसिंग के लिए दाल मिल स्थापना के लिए भी सहायता सरकार से मिलेगी। जिससे तमिलनाडु में दाल उत्पादन बढ़ेगा, और आत्मनिर्भरता के इस लक्ष्य में बड़ी मदद होगी।
किसानों के लिए फ्री बिजली की भी व्यवस्था
खेती के लिए अगर किसान फ्री बिजली लेना चाहते हैं तो उसके लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना भी चलाई जा रही है। जिससे उन्हें सोलर पैनल सब्सिडी पर मिलता है, और फिर उससे बिजली का उत्पादन होता है। जिसका किसी तरह का बिल किसानों को नहीं देना पड़ता। इसे किसान ऊर्जादाता भी बन पाते हैं। अतिरिक्त बिजली की बिक्री करके कमाई भी कर सकते हैं।










