मुलेठी की खेती के बारे में इस लेख में किसानों को संपूर्ण जानकारी दी जा रही है, तो आईए जानते हैं मुलेठी कैसे बढ़ाएगी किसानों की आमदनी।
मुलेठी क्या है
मुलेठी की खेती के बारे में जानने से पहले हम जान लेते हैं कि आखिर मुलेठी क्या है, इसका इस्तेमाल किस चीज में होता है, तो बता दे की मुलेठी एक पौधा होता है जो की औषधि झाड़ीदार पौधा होता है। इस पौधे की जड़ों को औषधि रूप से इस्तेमाल किया जाता है। जड़ों को सुखाकर उसका पाउडर बनाया जाता है, या फिर टुकड़ों के रूप में उसे किसान लगा देते हैं। मुलेठी का स्वाद मीठा होता है, इसे लोग गले के सूजन सर्दी खांसी हृदय रोग, लीवर रोग, स्किन डिसऑर्डर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण उदर रोग जैसे बीमारियों के लिए इस्तेमाल करते हैं इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं।
मुलेठी की खेती में कमाई
मुलेठी की खेती में किसान कम खर्चे में ज्यादा कमाई कर सकते हैं। क्योंकि इसमें रासायनिक खाद नहीं डालना पड़ता है, और ना ही बहुत ज्यादा सिंचाई करनी पड़ती। एक बार किसान रोपाई कर देते हैं, तो 3 साल तक इससे उत्पादन मिलता है। जिससे कमाई होती रहती है। इससे प्राकृतिक चिकित्सा और हर्बल उद्योग के विकास में बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। मुलेठी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाओं घरेलू नुस्खा और हर्बल उत्पादों में किया जाता है। कुछ कंपनियां औषधि दवाई बनाते हैं, यूनानी दवाई बनाते हैं तो वह उनकी डिमांड रखती हैं।
अगर किसान सही तरीके से खेती करें तो मुलेठी की खेती करने पर उन्हें 25 से 30 क्विंटल तक एक एकड़ से उत्पादन मिल जाता है, और बाजार भाव इस समय ₹10000 चल रहे हैं। कभी-कभी 15000 या ₹30000 भी भाव चले जाते हैं, तो मान लीजिए कि अगर 25 क्विंटल तक उत्पादन और 10000 रुपए भाव मिलता है तो फिर कमाई 250000 रुपए तक हो जाती है। लेकिन अगर उत्पादन ज्यादा और भाव भी ज्यादा मिलता है, तो कमाई और ज्यादा हो सकती है। मुलेठी लगभग 3 साल की फसल है। इसलिए लंबे समय तक किसान कमाई होती है।
मुलेठी की खेती का समय
मुलेठी की खेती इस समय मतलब की फरवरी और मार्च में कर सकते हैं। मुलेठी की खेती के लिए फरवरी और मार्च का महीना अच्छा माना जाता है। जहां पर असंचित स्थान है वहां जुलाई और अगस्त में भी इसकी खेती किसान करते हैं। अगर खेत की मिट्टी अच्छी नहीं है, बंजर जमीन है, पहाड़ी इलाका है तो वहां पर मुलेठी की खेती कर सकते हैं, अच्छी कमाई होती है, मुलेठी की खेती के लिए न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।
मुलेठी की खेती कैसे करें
मुलेठी की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत की तैयारी करें 2 से 3 बार गहरी जुताई करके घर-घूरी मिट्टी में खेती करें ध्यान रखें। खरपतवार नहीं होनी चाहिए, अंतिम जुताई से पहले 1 एकड़ में करीब 10 दिन तक गोबर की खाद मिलाये जो की पुरानी खाद होनी चाहिए। उसके बाद रोपाई करें 7 से 9 इंच की लंबी जड़ों को लेकर रोपाई करें, जिसमें तीन से चार आंखें हो तो फायदा होगा। एक एकड़ के लिए 100 से 125 किलो जड़ों की जरूरत पड़ती है।
रोपाई किस कतार में करें, जिससे खरपतवार निकालने निराई बुराई करने में आसानी होगी। 90 सेंटीमीटर दो कतारों के बीच की दूरी रखें और दो पौधों के बीच की दूरी 45 सेमी रखें, रोपाई करने के बाद थोड़ी सी हल्की सिंचाई कर दीजिए। मिट्टी में नमी को बना कर रखें, सर्दियों का मौसम है तो 30 दिन में एक बार नहीं तो गर्मियों में 15 दिन में एक बार सिंचाई कीजिए। मिट्टी में नमी कैसी है उस आधार पर जल्दी से जारी कर सकते हैं, बीच-बीच में निराई गुड़ाई करें, जिससे खरपतवार ना आए।
मुलेठी की खेती से उत्पादन कितना मिलता है
मुलेठी की खेती से पैदावार की बात करें तो जिस हिसाब से किसान खेती करते हैं जैसी देखभाल करते हैं तो उसे हिसाब से उत्पादन मिलता है। अगर बढ़िया सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए मेहनत करके मुलेठी की खेती करते हैं तो 25 से 30 क्विंटल तक सूखी जड़े एक एकड़ से किसान को मिल जाती हैं। वही अलग-अलग किसानों का अलग-अलग अनुभव होता है, कुछ किसानों को एक एकड़ में 30 से 35 क्विंटल सूखी जड़े मिल जाती है और कुछ को 15 क्विंटल तक ही उत्पादन मिल पाता है तो वह किसान के खेत की मिट्टी जलवायु और खेती के तरीके पर भी निर्भर करता है।
मुलेठी गमले में कैसे उगाए
अगर आप अपने घरेलू इस्तेमाल के लिए मुलेठी घर पर लगाना चाहते हैं, तो गमले में भी मुलेठी उगा सकते हैं। जिसमें आपको बड़ा गमला लेना है 12 से 18 इंच का कम से कम बड़ा गमला लेना है। अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी लेनी है, जिसमें एक भाग मिट्टी में एक भाग रेत और एक भाग खाद मिला दीजिए। खाद पुरानी ही लीजिएगा और जहां पर धूप आती हो वहां पर पौधे को लगाना है, गमले को रखना है।
लगाने के लिए पहले मुलेठी के बीज लीजिए या फिर आप जड़ ले लीजिए और जड़ का टुकड़ा लीजिए। उसे 1 इंच गहराई पर वह यह और मिट्टी को नाम रखिए वसंत ऋतु में आप इसे गमले में लगा सकते हैं। बीज को लगा रहे तो 1 इंच की गहराई में बोइये और जड़ को लगा रहे हैं तो 2 से 3 इंच लंबी जड़ का टुकड़ा लेकर 1 से 2 इंच की गहराई में वही है। जहां पर बढ़िया अच्छा से 6 घंटे की धूप आती हो वहां पर पौधे को रखे।
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