किसान कम ज़मीन से अमीर होना चाहते है तो आइये जानें कम लागत में ज़्यादा मुनाफ़ा देने वाली फसल के बारें में।
कम लागत में ज़्यादा मुनाफ़ा देने वाली फसल
किसान अगर कम जमीन से ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, खर्चा भी कम करना चाहते हैं, तो यह फसल उनके लिए अच्छा विकल्प है। इससे कई गुना ज्यादा मुनाफा होता है, और बाजार में अच्छा भाव भी मिलता रहता है। दरअसल, यहां पर बींस की खेती की बात की जा रही है, जो कि किसान चैतन कश्यप ने बताया कि मोटा वाला बीन्स लगाते हैं यह बेल वाली फसल होती है। लेकिन किसान किसी तरह के खूंटा या रस्सी का इस्तेमाल नहीं करते हैं। जिससे खर्च घटता है। वह आधा एकड़ में खेती करते हैं और अच्छी कमाई हो जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर सामान्य भाव जैसे की 50-60 किलो मिलता रहता है तो 1 से 1.5 लाख रुपए तक कमाई हो जाती है। लेकिन अगर भाव ज्यादा मिलते हैं तो ₹200000 भी इससे मुनाफा हो जाता है, तो आइये बताते हैं वह किस तरीके से खेती करते हैं।
बींस की खेती कैसे करें किसान
किसान ने बताया कि पहले वह खेत की तैयारी में पूरी मेहनत करते हैं, ट्रैक्टर की मदद से जुताई करते हैं, करीब दो बार जुताई करके रोटावेटर का इस्तेमाल करके मिट्टी को भुरभुरा बनाते हैं और फिर बेड बनाते हैं, ड्रिप का इस्तेमाल करते हैं, ड्रिप से सिंचाई करने पर पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है, और पानी की बचत होती है। जिसमें 2 फीट की दूरी में बेड बनाते हैं, और 1 फीट की दूरी में बीच की बुवाई करते हैं। जहां-जहां पर ड्रिप का छेद रहता है, वहां पर बीज लगाते हैं।
खाद की बात करें तो उन्होंने कहा कि डीएपी, यूरिया गोबर की खाद आदि का इस्तेमाल करते हैं। वह बताते हैं कि इसमें तना छेदक और मक्खी की समस्या आती है जिसके लिए कीटनाशक का छिड़काव कर देते हैं। इस खेती में उन्हें मुनाफा रेट पर निर्भर करता है, बाजार में जैसा भाव मिलता है उसके अनुसार मुनाफा घटता बढ़ता रहता है।
मोटा बींस की खेती का समय
अगर किसान यह बींस लगाना चाहते हैं तो साल में दो बार इसे लगा सकते हैं। खरीफ मौसम में जून से जुलाई और रबी के मौसम में अक्टूबर से नवंबर के बीच इसकी खेती कर सकते हैं। सितंबर अक्टूबर में भी बुवाई की जा सकती है। पहाड़ी क्षेत्र के किसान मार्च से जून में खेती करते हैं, जिनके खेत निचली पहाड़ियों में वह बसंत ऋतु में लगाते हैं।











