Donkey milk: गाय-भैंस नहीं गली-गली घूमने वाले इस जानवर का दूध ₹7000 लीटर बिकता है, जानिए कहां है डिमांड

On: February 21, 2026 10:47 AM
Follow Us:
Donkey milk

Donkey milk: पशुपालन करके अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो यहां एक ऐसे जानवर के बारे में बताते हैं जिसका दूध 5 से ₹7000 लीटर तक में बिक जाता है।

किस जानवर का दूध महंगा बिकता है

गाय एवं भैंस का दूध 50-60 रुपए किलो बिकता है। लेकिन यहां पर आपको जिस जानवर की जानकारी दी जा रही है उसका दूध 5 से ₹7000 लीटर तक बिक जाता है। जिससे अच्छी कमाई की जा सकती है। इसलिए इस जानवर को पालना एक अच्छा विकल्प है। यह सस्ते में मिल भी जाएगा। गली-गली घूमने वाला यह जानवर किसानों, पशुपालकों की आमदनी में चार चांद लगा सकता है।

दरअसल यहां पर गधा पालन की बात की जा रही है। गधी का दूध महंगा बिकता है, कई पशुपालक गधी पालकर तगड़ी कमाई कर रहे हैं, तो आइये बताते हैं गधी का दूध और कहां बेंच रहे हैं, उसका क्या होता है, क्यों इतना महंगा है।

गधी का दूध महंगा क्यों है

गाय-भैंस से ज्यादा गधे का दूध महंगा बिक रहा है। इसका कारण यह है कि उसके दूध में कई ऐसे तत्व होते हैं जो कि उसे खास बनाते हैं। गधी के दूध से साबुन, क्रीम, मॉइश्चराइजर बनाए जाते हैं। गधी के दूध में विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा फैटी एसिड जैसे तत्व होते हैं जो की त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं। इसीलिए स्किन केयर प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। औषधीय उत्पाद बनाने में इसका इस्तेमाल होता है। इसलिए इसका दूध महंगा बिकता है, और गधे के दूध से जो उत्पाद बनाए जाते हैं, वह भी महंगा बिकता है। आईए जानते हैं किस नस्ल की गधे का पालन करना चाहिए।

किस नस्ल की गधी बढ़िया होती है

गधा पालन करना चाहते हैं तो नस्ल का भी ध्यान रखें। जिसमें हलारी और कच्छी नस्ल को अच्छा बताया जाता है। जिसमें गधी साल में एक बार बच्चे को जन्म देती है, और इस तरह से आपका व्यवसाय बढ़ेगा। अगर दूध की बिक्री के लिए गधी का पालन करने जा रहे हैं तो कहां बिक्री करना है, कितना भाव मिलेगा, इस बारे में पहले जानकारी प्राप्त कर ले। क्योंकि जरूरी नहीं की हर क्षेत्र में खरीदी हो, जहां पर आसानी से आप बड़ी-बड़ी कंपनियों को दूध पहुंचा सके जो की गधी का दूध इस्तेमाल करते हो तब कमाई हो सकती है।

यह भी पढ़े- MP के किसानों की लगी लॉटरी, पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस, मल्चिंग पर मिल रही तगड़ी सब्सिडी, आधे खर्चे में करें संरक्षित खेती

और पढ़ें

Leave a Comment