मार्च में अगर किसान ज्यादा मुनाफा वाली सब्जी की खेती करना चाहते हैं तो लौकी की खेती कर सकते हैं, आइये बताते हैं लौकी की खेती की संपूर्ण जानकारी।
लौकी की खेती में कमाई
लौकी की सब्जी सेहत के लिए फायदेमंद होती है। लौकी का इस्तेमाल कई तरीके से लोग करते हैं। लौकी सिर्फ सब्जी के तौर पर ही नहीं खाई जाती, बल्कि लौकी का जूस भी बनाया जाता है। लौकी का तेल भी बनाया जाता है। इस तरह से लौकी की खेती में किसानों को अच्छी आमदनी है। इसमें खर्च भी एक कम आता है। मुनाफा कई गुना ज्यादा होता है। इसलिए इस लेख के माध्यम से जानेंगे की लौकी की खेती कैसे करें, क्या सही तरीका है, जिससे ज्यादा उत्पादन मिलेगा।
क्योंकि अगर सही विधि से खेती कर लेंगे तो 250 से 300 क्विंटल तक एक एकड़ से उत्पादन मिल सकता है, और ऐसे में 1.5 से 2.5 लाख तक शुद्ध कमाई की जा सकती है, तो आईए जानते हैं खर्च और खेती के तरीके के बारे में।
लौकी की खेती का समय
लौकी की खेती के समय की बात करें तो किसान गर्मी में बरसात में वे लौकी की खेती कर सकते हैं। गर्मी की फसल के लिए जनवरी से मार्च के बीच लौकी की खेती कर सकते हैं। मतलब कि अभी मार्च का महीना चल रहा है, तो अभी भी लौकी की खेती की जा सकती है। बरसात में मई से जून के बीच में लौकी की खेती कर सकते हैं, बढ़िया से फसल तैयार हो जाती है।
लौकी की खेती कैसे करें
लौकी की खेती करना बिल्कुल आसान है, बीज के द्वारा या फिर बाजार से नर्सरी करके सीधे खेत में पौधे लगा सकते हैं खेत की तैयारी करते समय दो से तीन बार गहरी जुदाई करें बढ़िया पुरानी गोबर की खेत में मिलाया और बेड यानी कि मेड बनाकर खेती कर सकते हैं। दो बीजों के बीच की दूरी 2 या 2.5 मीटर रखें।
बीज अच्छे से अंकुरित हो। इसके लिए उन्हें 10-12 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें। उसके बाद बुवाई करें। अगर आप चाहते हैं की पैदावार ज्यादा मिले तो तुड़ाई करना आसान हो और रोग बीमारी कम लगे। फलों का आकार बड़ा हो। फल में दाग न लगे। तो इसके लिए मचान विधि से खेती करें।
इससे किसान बहुत अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन इससे खर्चा बढ़ जाता है। मगर इसमें फायदा भी है। आप एक बार नहीं बल्कि दोबारा भी वहां पर खेती कर सकते हैं, और उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
लौकी की गर्मी के लिए उन्नत किस्में
गर्मी के लिए मतलब मार्च में लौकी की खेती करने जा रहे हैं, तो उन्नत किस्म में काशी गंगा, VNR की सरिता, सिजेंटा की विनायक, काशी बहार और नामधारी अच्छी वैरायटी मानी जाती है।
लौकी की फसल कितने दिन की होती है
लौकी की फसल अवधि की बात की जाए तो 55 से 70 दिन में लौकी की फसल तैयार हो जाती है, और फिर पहली तुड़ाई भी किसान कर सकते है।
गर्मी में लौकी की फसल की सिंचाई
मार्च में लौकी की खेती कर रहे हैं तो सिंचाई का भी ध्यान रखें। गर्मियों में पानी की ज्यादा जरूरत पड़ती है। गर्मी बढ़ने पर तीन से चार दिन के बीच में सिंचाई करनी चाहिए। जब फूल आते हैं फल बनते हैं तो हल्की नमी बनाकर रखे, क्योंकि सूखे की स्थिति में फल फट जाते हैं। पानी की समस्या है तो ड्रिप का इस्तेमाल करें। कम पानी में बढ़िया खेती किसान कर पाएंगे।
लेकिन शुरुआत में जब पौधे छोटे होते हैं तो आप 7 से 10 दिन के बीच में पानी दे सकते हैं, जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है तो फिर उस हिसाब से पानी दे। सुबह और शाम के समय ही सिंचाई करें। खरपतवार पर नियंत्रण रखें, रोग बीमारी कम आएगी।
लौकी की खेती में खर्चा
लौकी की खेती में खर्च की बात की जाए तो एक एकड़ में 20 से ₹30000 का आता है। खर्च सिर्फ बीज खाद और मजदूरी पर आता है। लेकिन अगर और चीजों का इस्तेमाल करते हैं जैसे कि मल्चिंग पेपर, मचान के लिए तार बांस इत्यादि चीज तो उस हिसाब से खर्चा बढ़ जाता है।
लौकी की फसल के लिए खाद की मात्रा
लौकी की फसल से ज्यादा उत्पादन लेने के लिए किसानों को खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल भी बहुत करना पड़ता है। गोबर की खाद की बात करें तो करीब 10 टन गोबर की पुरानी खाद खेत में मिला है। इसके अलावा अगर चाहे तो 100 किलो नाइट्रोजन, 50-60 किलो फास्फोरस और 50-60 किलो पोटाश का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिसमें बुवाई के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा दें, लेकिन नाइट्रोजन आधी मात्रा में दे, आधा नाइट्रोजन जो फल लगते हैं, उस समय किसान दे सकते हैं।
कीट से फसल को बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें। साथ ही बता दे के पौधे के विकास के लिए वर्मीकंपोस्ट, नीम खली और अरंडी की खली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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