किसानों को खाद की कमी देखने को नहीं मिलेगी। जितनी जरूरत है सबको खाद मिलेगी। आइये जानते हैं राज्य में कितनी खाद उपलब्ध है।
राज्य में मांग से ज्यादा खाद उपलब्ध है
एक अच्छी फसल लेने के लिए किसानों को खाद डालना पड़ता है। जिसके लिए सरकार किसानों की मदद कर रही है। उनकी जरूरत के अनुसार खाल दे रही है। जितनी प्रदेश में मांग है उससे ज्यादा खाद उपलब्धता यहां बताई जा रही है। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोडी लाल मीणा ने विधानसभा में यह कहा कि किसानों को जितनी खाद चाहिए, जितनी मांग है, उससे ज्यादा खाद उपलब्ध है। खाद की कमी नहीं है और जो लोग नकली खाद बेचेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
राज्य में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता कितनी है
राजस्थान में यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता की बात करें तो बीते वर्ष के मुकाबले इस साल ज्यादा खाद उपलब्ध है। साल 2025-6 में 25.52 लाख मैट्रिक टन यूरिया की मांग थी, मगर 29.06 लाख मैट्रिक टन यूरिया है। डीएपी 8.43 लाख मैट्रिक टन मांग है, लेकिन 8.45 लाख मैट्रिक टन यूरिया है। इस तरह से आप देख सकते हैं यूरिया डीएपी जैसी महत्वपूर्ण खाद उपलब्ध है।
इसके अलावा 5.57 लाख मैट्रिक टन एसएसपी 2.72 लाख मैट्रिक टन एनपीके खाद भी है। फरवरी-मार्च के लिए एक लाख में यूरिया और 50000 मैट्रिक टन डीएपी और है। जिससे किसानों को फायदा होगा।
नकली खाद बीज बेचने वालों पर सख्त नियम
नकली खाद-बीज कोई बेचेगा तो उस पर सख्त कार्यवाही होगी। डॉ मीणा का कहना है कि केंद्र सरकार सीड और फ़र्टिलाइज़र के गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून बना रही है। जिसमें 20 साल की सजा 20 लाख का जुर्माना होगा। अगर कोई नकली खाद बीज बेचते पकड़ा गया तो। जिसमें प्रदेश में बताया गया कि 107 FIR दर्ज किए गए हैं जो की पहले से अधिक है। मतलब की जो भी लोग गलत तरीके से खाद बेंच रहे हैं उन पर सरकार कार्यवाही कर रही है। 27 फैक्ट्री में ताले लगाए गए हैं।
कई लोगों के लाइसेंस निलंबित, निरस्त किए गए हैं। 28 मामलों में गिरफ्तारी हुई है। इस तरह से कार्यवाही की जा रही है। जिससे इसमें बदलाव देखने को मिल सकता है।








