किसानों को अब सिंचाई के लिए खेत के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, वह घर बैठे ही स्मार्ट तरीके से मोबाइल के द्वारा सिंचाई कर सकते हैं, आईए जानते हैं कैसे।
ऑटोमेटिक फिल्ट्रेशन सिस्टम
सिंचाई का काम किसानों के लिए आसान होगा। क्योंकि अब खेत में जाकर मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसान सिंचाई के लिए किसी भी साधन का इस्तेमाल करते हैं तो भी उनके लिए यह सिस्टम काम आएगा। खेत में पानी लगाने के लिए अब उन्हें खेत तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर पानी चालू करने के बाद बिजली चली जाती है तो दोबारा से मोटर चालू करने नहीं जाना पड़ेगा और ना ही खेत के हर कोने में जाकर देखना पड़ेगा कि कहां पर पानी गया है कहां पर नहीं।
जिसके लिए आपको ऑटोमेटिक फिल्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इससे घर बैठे मोबाइल के द्वारा पानी खेत में चला सकते हैं आइये आपको बताते हैं कैसे।
मोबाइल से सिंचाई कैसे होगी
ऑटोमेटिक कंपनी द्वारा स्मार्ट ऑटोमेटिक फिल्ट्रेशन सिस्टम दिया जा रहा है। आप इस तरह का सिस्टम किसी भी भरोसेमंद कंपनी से खरीद सकते हैं। उसे खेत में लगा सकते हैं। उसके बाद मोबाइल पर इस सिस्टम से जुड़कर काम कर सकते हैं। जिसमें मोबाइल पर देख सकते हैं कि कितने देर से पानी चल रहा है, आप यहां पर समय भी सेट कर सकते हैं कि कितने देर तक मोटर चले और वह बंद हो जाए। जिससे आपको दोबारा पानी देखने नहीं जाना पड़ेगा।
जब एक बार आपके द्वारा तय किए गए समय तक पानी चल जाएगा तो वह खुद ही बंद हो जाएगा। इसके अलावा इसमें यह भी सुविधा मिलती है कि जो पानी आ रहा है उसमें जो भी कचरा है वह साफ हो जाए। जिससे अगर आपने ड्रिप सिस्टम खेत में लगाया है तो वह चोक नहीं होगा। इसमें जो भी कचरा होगा एक जगह पर जमा हो जाएगा। उसे आप फिर ब्लूटूथ के द्वारा जानकर एक क्लिक में ही फिल्टर की सफाई कर पाएंगे, हर घंटे में मैनुअल सफाई नहीं करना पड़ेगा।
किसान ने बताया 10 क्विंटल मिल रही ज्यादा पैदावार
फसलों को सही मात्रा में खाद-दवाई-पानी मिलेगा तो उत्पादन भी बढ़ेगा। इस ऑटोमेटिक फिल्ट्रेशन सिस्टम का इस्तेमाल कई किसान कर रहे हैं जिसमें राजेंद्र जी जो की जयपुर राजस्थान के रहने वाले हैं वह बताते हैं कि उन्होंने 15 बीघा में खेती किया। जिसमें उन्होंने इस सिस्टम का इस्तेमाल किया है और सब्जी अनाज की खेती में वह फ्लड इरिगेशन सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऑटोमेटिक कंपनी का स्मार्ट ऑटोमेटिक फिल्ट्रेशन सिस्टम उन्होंने लगाया हुआ है।
जिससे समय और मेहनत की बचत हो रही है। पहले से ज्यादा उत्पादन मिल रहा है और कहते हैं कि पहले जहां 35 क्विंटल उत्पादन होता था अब 45 हो रहा है। मतलब की 10 क्विंटल से ज्यादा उत्पादन उन्हें पहले से मिल रहा है।
यह भी पढ़े- मटके में लौकी की खेती से प्रति एकड़ 2 लाख रु से ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं किसान, जानिये इस नवाचार के बारे में










