तुलसी की खेती से किसानों को मुनाफा है, इसीलिए आज इस लेख में तुलसी की खेती के बारे में संपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं।
तुलसी की खेती में क्या फायदे हैं
अगर कोई फसल किसान लगाने जा रहा है तो उसकी खेती से होने वाले फायदे के बारे में उन्हें पता होना चाहिए। जिसमें तुलसी एक औषधीय पौधा है, इसका धार्मिक महत्व भी है, आयुर्वेद दवा बनाने वाली कंपनियां इसकी डिमांड करती है, पूजा पाठ में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि इसकी खेती में कितनी कमाई होती है, क्योंकि पारंपरिक फसलों की तुलना में इसमें ज्यादा कमाई है।
लेकिन अन्य फायदों की बात करें तो अगर किसान के खेत में जानवरों का खतरा ज्यादा रहता है जैसे कि धान-गेहूं लगाते हैं तो जानवर जाकर खराब कर देते हैं, तो ऐसे में तुलसी की खेती कर सकते हैं। तुलसी को जंगली जानवर नहीं खाएंगे, आवारा पशुओं का खतरा कम रहता है।
तुलसी की खेती में खर्च और मुनाफा
तुलसी की खेती के फायदे को जानने के बाद अब हम खर्च और कमाई का अनुमान लगा लेते हैं, तो तुलसी की खेती में किसान कई चीजों की बिक्री कर सकते हैं। जैसे की तुलसी की सूखी पत्तियां, तुलसी का बीज, तुलसी का तेल, तुलसी की मंजरी मतलब की फूल। तुलसी की बिक्री की बात करें तो किसान स्थानीय बाजार, थोक में जड़ी बूटी बाजार में या फिर आयुर्वेदिक कंपनियां जैसे कि डाबर, पतंजलि, बैद्यनाथ, झंडू इत्यादि जैसी कंपनी जो होती है, आयुर्वेदिक कंपनी उनको बेंच सकते हैं। जहां पर तुलसी का तेल निकलता है। उन लोग भी इसकी मांग करते हैं, तो वहां पर भी बेंच सकते हैं।
तुलसी की खेती में खर्च की बात की जाए तो खर्चे से कई गुना ज्यादा इसमें मुनाफा है। अगर किसान बीज, जुताई, खेत की तैयारी, गोबर की खाद, सिंचाई मजदूरी इत्यादि में खर्च करते हैं तो उन्हें 25 से ₹35000 का खर्चा आ जाता है। लेकिन यह क्षेत्र पर भी निर्भर करता है अगर मजदूरी आपके क्षेत्र में ज्यादा है, सिंचाई का खर्चा अधिक है, खाद महंगी मिल रही है, कृषि यंत्र का किराया महंगा हैं, तो ऐसे में 40 से ₹50000 का भी खर्चा आ सकता है।
वही कमाई इससे ₹400000 शुद्ध हो सकती है। क्योंकि सूखी पत्तियों की कीमत ₹30 तक आराम से मिल सकती है। जिसमें अगर 1800 क्विंटल उत्पादन मिलता है तो 5,40,000 की कमाई हो सकती है। लेकिन अगर ₹25 किलो भाव मिलता है तो 4,50,000 की कमाई हो सकती है। तुलसी की सूखी पत्ती 22 से ₹35 किलो तक में बीच में बिक जाती है। अगर ऑर्गेनिक /कांटेक्ट फार्मिंग करते हैं तो वहां पर 35 से 45 रुपए किलो भी भाव किसानों को मिल जाता है।
तुलसी का बीज बेंच रहे हैं तो वह 80 से ₹120 किलो के बीच में बिक जाता है। तुलसी का तेल महंगा मिलता है, 1200 से 1800 रुपए प्रति किलो तक इसकी कीमत किसानों को मिल सकती है। लेकिन तेल निकालने का उनके पास साधन होना चाहिए।
तुलसी की खेती का समय
तुलसी की खेती के समय की बात करें तो बीजो की बुवाई के लिए फरवरी से मार्च के बीच का समय मतलब की इस समय अच्छा माना जाता है। उसके बाद पौधों की रोपाई फरवरी से जुलाई के बीच में की जाती है। बरसात में पौधे लगाने से जल्दी लग जाएंगे। तुलसी की फसल में लगने वाले समय की बात करें तो तुलसी की पहली कटाई 90 से 95 दिनों के बीच में होती है। फिर दूसरी कटाई से 65 से 75 दिन में कर सकते हैं। यानी की बार-बार आप इसकी कटाई कर सकते हैं।
तुलसी की खेती के लिए मिट्टी और जलवायु
तुलसी की खेती के लिए बढ़िया मिट्टी की बात की जाए तो बलुई दोमट मिट्टी या जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी अच्छी मानी जाती है। वही जलवायु गर्म और अर्ध शुष्क अच्छा माना जाता है। जहां पर 20 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान हो। वही मिट्टी के पीएच मान की बात की जाए तो 5.5 से 7 के बीच का अच्छा माना जाता है। लेकिन ध्यान रखें जहां पर तुलसी की खेती कर रहे हैं वहां पर पानी ना रूकता हो, नहीं तो इससे जड़ गलन की समस्या आती है, पौधा सूख जाता है।
तुलसी की खेती कैसे करें
तुलसी की खेती करने के लिए आपके पास नर्सरी होनी चाहिए। अगर नहीं है तो पहले बीज से नर्सरी तैयार कर लीजिए। बीज को आप ट्रे में या क्यारी में लगाकर तैयार कर सकते हैं। 4 से 6 सप्ताह में पौधे तैयार हो जाते हैं। उसके बाद खेत की अच्छे से जुताई करके जमीन को समतल बनाकर गोबर की खाद मिला लीजिए। जिसमें पुरानी गोबर की खाद का इस्तेमाल करें।
जब नर्सरी में चार से पांच पत्तियां आने लगे तो उन पौधों को 40×40 सेंटीमीटर या फिर 40×50 सेंटीमीटर की दूरी पर लगाएं, सिंचाई की बात करें तो जैसा मौसम है, गर्मी है तो सप्ताह में दो बार सिंचाई की जाती है। बारिश में सिंचाई की जरूरत ही नहीं पड़ती है, ठंड में आप मिट्टी की नमी को देखते हुए ही सिंचाई करें।
तुलसी की किस्म
तुलसी की कुछ प्रमुख किस्में है जैसे की राम तुलसी, श्याम तुलसी, वन तुलसी और कपूर तुलसी। जिसमें राम तुलसी के पत्ते का रंग हल्का हरा होता है। श्यामा तुलसी जिसे कृष्ण तुलसी भी कहते हैं उसके पत्ते का रंग बैंगनी होता है, यह ज्यादा औषधि मानी जाती है। वन तुलसी सुगंधित होती है। तेल के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। कपूर तुलसी में ज्यादा पत्ती होती है। इससे उत्पादन ज्यादा मिलता है।
तुलसी की फसल से कितना उत्पादन मिलता है
तुलसी की खेती कर रहे हैं तो उत्पादन की बात करें तो हरी पत्ती का उत्पादन 80 से लेकर 100 क्विंटल तक किसानों को एक एकड़ में मिल सकता है जो की 1 साल में 3 से 4 कटाई के बाद मिलता है। वही सूखी तुलसी का उत्पादन 16 से 20 क्विंटल तक एक एकड़ में मिल जाता है। कुछ किसानों को तो 20 से 25 क्विंटल सुखी पत्तियां भी मिल जाती हैं।
तुलसी की खेती से किसान कमाई करना चाहते हैं तो उनके लिए यह अच्छा विकल्प है। लेकिन आपको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कहां पर तुलसी की बिक्री करेंगे, खरीदार तय कर लेने चाहिए, और वैरायटी का भी ध्यान रखना चाहिए।
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