खेत में तारबंदी सब्सिडी लेकर करवा रहे हैं तो भी आपको पहले से कम खर्च आएगा, क्योंकि सरकार ने नियम बदल दिए हैं, तो आईए जानते हैं नए नियम क्या है।
तारबंदी पर सब्सिडी के नियम बदले
किसानों को खेतों में तारबंदी करने के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलती है। ताकि किसान जंगली जानवरों से अपनी फसल की सुरक्षा कर सके, वह भी कम लागत में, लेकिन तारबंदी को लेकर सरकार के कुछ नियम रहते हैं कि आपको कितने क्षेत्र में तारबंदी करनी है, और कितने तार लगाने हैं, कितनी दूरी पर पोल लगाने हैं, तो इन सब नियमों के कारण पहले किसानों को अधिक खर्च आता था, लेकिन अब नियमों में कुछ बदलाव किये गए है, जिससे लागत कम आएगी।
तो अब किसानों को पहले से कम खर्चे में तारबंदी करवाने का मौका मिल रहा है, यहां बात की जा रही है राजस्थान राज्य सरकार की। राजस्थान में तारबंदी पर सब्सिडी को लेकर जो नियम थे उनमें ढील की गई है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में बताया की तारबंदी योजना के तहत किसानों को कम खर्चे में राज्य सरकार की तरफ से नियम में कुछ ढील की गई है। जिसमें नियम क्या है आइये आपको बताते हैं।
तारबंदी पर सब्सिडी के नए नियम क्या है
तारबंदी पर सब्सिडी के नए नियमों की बात की जाए तो किसानों को अब 10 फीट पर पोल लगाने के नियम के बजाय 15 फीट पर पोल लगाने का नियम कर दिया गया है। जिसमें पोल की संख्या कम होगी, दूरी बढ़ेगी। इसके अलावा एक और ढील दी गई है कि पहले 6 तार और दो क्रॉस वायर रहते थे, जिसमें अब पांच वायर में ही काम होगा। पहले 10 में पोल पर सपोर्ट लगाना पड़ता था। लेकिन अब 15 में पोल पर सपोर्ट लगाने के लिए कहा गया है।
वही पोल पर फाउंडेशन की अनिवार्यता पर भी ढील मिल गई है। चैन लिंक जाली के साथ नॉटेड जाली लगवाने पर भी सब्सिडी किसानों को मिल रही है। इस तरह से लागत घटेगी और सब्सिडी से किसानों का खर्चा बचेगा। आइये आपको बताते हैं सब्सिडी कितनी मिलती है।
तारबंदी पर सब्सिडी कितनी मिल रही
राजस्थान राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को तारबंदी पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। जिसमें 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी करवाने के लिए छोटे और सीमांत किसानों को 60% सब्सिडी मिलती है। जिसमें अधिकतम 48000 उन्हें दिए जाते हैं। यह कुल इकाई लागत का प्रतिशत बताया जा रहा है।
जिसमें सामान्य किसानों को 50% मतलब की ₹40000, वही वनाअधिकार पट्टाधारक किसान को 90% मतलब की 72000 सामुदायिक स्तर पर तारबंदी करवाते हैं तो 70% अनुदान मिलेगा। मतलब की 56000 रुपए मिलते हैं। जिससे किसान आधे से भी कम खर्चे में तारबंदी अपने खेतों में करवा सकते हैं, और सुरक्षा की चिंता से मुक्त हो सकते हैं।
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