PM-KUSUM: किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल का बोझ ना आए, इसलिए सरकार ने ऐसा प्लान बनाया है कि उन्हें पूरे दिन फ्री की बिजली मिलेगी।
कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए योजना
खेती में कई तरह के खर्चे आते हैं, जिसमें सिंचाई भी एक खर्चा ही है, सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है, और बिजली बिल की समस्या बहुत ज्यादा किसानों में देखने को मिलती है। कभी-कभी किसान के ऊपर बहुत बड़ा बोझ बिजली बिल बन जाता है। जिसके लिए फिर सरकार को बिजली माफ भी करनी पड़ती है। लेकिन अब ऐसी नौबत नहीं आएगी। किसान प्रधानमंत्री कुसुम योजना कंपोनेंट c2 का फायदा उठाकर फ्री की बिजली प्राप्त कर सकते हैं।
बता दे कि उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। कृषि फीडर को सोलराइजेशन के लिए प्रधानमंत्री कुसुम योजना कंपोनेंट के राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों के आय में वृद्धि कर रहा है। जिससे किसानों को सौर ऊर्जा के द्वारा सिंचाई और बिजली दी जा रही है। इससे डीजल या परंपरागत बिजली पर किसान निर्भर नहीं रहेंगे और दिन के समय उन्हें निर्बाध बिजली की सप्लाई मिलेगी।
जिसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश में करीब 1708.01 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) लगाया गया है। जिससे 3.67 लाख किसानों को दिन में नियमित रूप से बिजली मिलेगी। इस तरह से उत्तर प्रदेश राज्य सरकार का यह प्लान किसानों को सशक्त बना रहा है। आइये आपको बताते हैं किन दो दिलों में पायलट प्रोजेक्ट बेहतरीन तरीके से काम कर रहा है जो की अन्य जिलों के किसानों को भी लाभ देगा।
इन 2 जिलों में किसानों को मिल रही फ्री की बिजली
किसानों के लिए पहले सरकार कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की तरह काम करती है। अगर वहां पर सफलता मिलती है तो फिर दूसरे जिलों में भी उस योजना को लागू किया जाता है। जैसे कि कौशांबी और बिजनौर की परियोजना मॉडल बन चुकी है। जिसमें वित्तीय ढांचे की बात करें तो 1.05 करोड रुपए प्रति मेगावाट केंद्र सरकार की तरफ से और 50 लाख रुपए प्रति मेगावाट राज्य सरकार की तरफ से मिल रहा है।
जिसमें कुल मिलाकर 1.55 करोड रुपए प्रति मेगावाट है, कौशांबी और बिजनौर में 3.3 मेगावाट की पायलट परियोजना चल रही है जो की अन्य जिलों के किसानों तक भी पहुंचेगी।
पीएम कुसुम c2 से बिजली बिल की समस्या हुई हल
पीएम कुसुम c2 योजना किसानों की बिजली बिल की समस्या को हल कर रहा है। जिसमें किसानों को सोलराइजेशन से विद्युत वितरण कंपनियां डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है। जिससे रियलिटी दरों पर किसानों को बिजली मिलेगी, डिस्कॉम पर उच्च सब्सिडी का भार कम होगा। किसान ऊर्जादाता भी बन जाएंगे।






