सर्पगंधा की खेती में कितनी कमाई है, खेती का तरीका क्या है, इसका इस्तेमाल कहां होता है, आइये इस लेख में सर्पगंधा की खेती की संपूर्ण जानकारी लेते हैं।
सर्पगंधा की खेती की संपूर्ण जानकारी
सर्पगंधा एक औषधीय फसल है। इसकी खेती में बहुत मुनाफा है। इसकी जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेद में किया जाता है। कई तरह की दवाई इससे बनाई जाती है। इसलिए आज इस लेख में इसकी खेती के बारे में जानेंगे। सर्पगंधा एक झाड़ीदार औषधि पौधा होता है। जिसका जड़, पत्ता और तना इस्तेमाल किया जाता है।
इससे ब्लड प्रेशर, पागलपन, अनिंद्रा जैसे बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसलिए दवाई बनाने वाली कंपनियां इसे सीधे किसान के खेत से खरीद लेती हैं। आईए जानते हैं इसकी खेती कब की जाती है, कैसे की जाती है, कितना समय लगता है, कितना उत्पादन मिलता है, कैसे कमाई होती है।
सर्पगंधा का भाव कितना मिलता है
सर्पगंधा की खेती में कमाई उस पर निर्भर करती है कि आपको कितना उत्पादन मिल रहा है। उसकी गुणवत्ता कैसी है, कहां पर बिक्री कर रहे हैं, जिसमें कुछ समय पहले सर्पगंधा का सुखा जड़ 600 से ₹800 किली थोक में बिक रहा था और वैसे तो बाजार में 1200 1500 रुपए किलो भी भाव है, और बीज इसका 5000 से ₹8000 किलो चल जाता है, जो कि आप एक फसल से तीन से चार बार ले सकते हैं, तो उसको बेचकर भी कमा सकते हैं।
सर्पगंधा खेती में कितना उत्पादन मिलता है
सर्पगंधा की खेती से सुखी जड़ की बात करें तो 8 से 10 क्विंटल तक मिल जाता है, और बीच में इसमें तीन से चार बार बीज निकल आते हैं। जिससे कमाई होती रहती है।
सर्पगंधा की खेती कैसे करें
सर्पगंधा की खेती करने के लिए आपको पौधों की रोपाई करनी होती है। अगर आपको पौधे नहीं मिल रहा है तो पहले बीज से नर्सरी तैयार कर सकते हैं। फिर उनकी रोपाई की जाती है, 30 x 30 सेंटीमीटर के दूरी में पौधों को लगाया जाता है। अगर आप चाहे तो साथ में दूसरी फसले लगा भी सकते हैं।
सर्पगंधा की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। सर्पगंधा की खेती के लिए बढ़िया मिट्टी की गहरी जुताई करके गोबर की पुरानी खाद मिलाकर बेड बनाकर इसकी खेती करें। सर्पगंधा की जड़ों को बेंचा जाता है। इसलिए गहरी जुताई जरूरी होती है। तभी जड़ों का विकास अच्छे से होगा, तो उत्पादन बढ़िया मिलेगा।
सर्पगंधा की खेती का समय क्या है
सर्पगंधा के पौधों की रोपाई जून जुलाई में की जाती है, और नर्सरी तो इसकी अप्रैल में मई ही तैयार की जाती है। जून जुलाई से लेकर सितंबर, अक्टूबर तक इसकी रोपाई कर सकते हैं। मतलब की सर्दी से पहले पहले खेत में इसे लगा दिया जाता है।
सर्पगंधा की खेती के लिए एक एकड़ में कितने पौधे लगेंगे
सर्पगंधा की खेती किसान एक एकड़ में करते हैं तो उन्हें लगभग 20000 पौधों की जरूरत होती है। जिसमें नर्सरी में अगर पौधे लेने जाते हैं तो 50 पौधों का उन्हें एक बंडल मिलता है, और एक पौधा करीब चार रुपए में मिल जाता है। जिसकी कीमत अलग-अलग नर्सरी में अलग देखने को भी मिल सकती है।
सर्पगंधा की फसल कितने दिन में तैयार होती है
सर्पगंधा की फसल लंबी अवधि की फसल होती है। अगर आपके पास खाली जमीन पड़ी हुई है तो वहां पर इसे लगा सकते हैं। कम देख-रेख में तैयार हो जाती है। सर्पगंधा एक जंगली पौधा होता है। जिसमें रोग बीमारी भी नहीं लगती, तो कीटनाशक वगैरा का खर्चा नहीं आता है। इसे तैयार होने में 18 महीने लग जाते हैं। लेकिन जब तक सुखी जड़ नहीं निकलती तब तक आप बीज बेंच सकते हैं। बीच-बीच में तो उससे पहले कमाई होती रहेगी।
सर्पगंधा की फसल में सिंचाई
सर्पगंधा की फसल को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं पड़ती, सप्ताह में एक बार सिंचाई कर सकते हैं, बरसात में सिंचाई नहीं करनी पड़ती।
सर्पगंधा की खेती में कमाई
सर्पगंधा की खेती में कमाई की बात करें तो अगर 8 से 10 क्विंटल सुखी जड़ निकल रही है और उसका भाव ₹800 किलो मिल रहा है तो इस हिसाब से ₹800000 किसान को मिल रहे हैं, और जो बीज बेंच रहे हैं तो उसकी अलग कमाई होती है। बीज 5 से ₹8000 किलो जाता है जो की तीन-चार बार एक फसल से निकलता है तो वह अलग जोड़ सकते हैं।
इसमें खर्च कम आता है। क्योंकि आपको कोई रासायनिक खाद नहीं डालनी पड़ेगी। गोबर की पुरानी खाद खेत में मिलाकर इसकी खेती कर सकते हैं। बस ₹4 का पौधा मिलता है, पौधे 20000 लगते हैं, मजदूरी आपके क्षेत्र में जो हो उस हिसाब से खर्चा निकाल सकते हैं।











