सरसों की कटाई का सही समय अगर किसानों को पता हो तो वह उत्पादन में कमी होने से बचा सकते हैं, और आमदनी बढ़ा सकते हैं।
सरसों की खेती
सरसों की खेती में किसानों को फायदा है, बस कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जिससे अच्छा उत्पादन मिले और फसल की गुणवत्ता भी बढ़िया हो, जिससे मंडी भाव में बढ़िया मिले। रबी सीजन में कई किसानों ने सरसों की खेती की है, जिनकी फसल भी तैयार हो चुकी है, और कुछ किसानों की फसल कटाई के लिए भी तैयार हो गई है। कटाई में अगर किसान थोड़ी सी लापरवाही कर देते हैं या फिर कोई गलती कर देते हैं तो उत्पादन घट सकता है।
अगर कटाई में देरी किसान करते हैं तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। पैदावार कम हो सकती है, तो आइये जानते हैं सरसों की कटाई का सही समय क्या है।
सरसों की कटाई का सही समय
- सरसों की कटाई का सही समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि उन्होंने कब बुवाई की है, बुवाई का समय क्या है। जिसमें कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर बुवाई के बाद 100 दिन समय बीत चुका है तो फसल की कटाई कर सकते हैं, यह फसल की कटाई का सही समय माना जाता है। लेकिन इतना ही काफी नहीं है। कुछ वैरायटी है जल्दी तैयार हो जाती है, तो कुछ समय लगता है।
- किसान फसल का रंग देखकर भी जान सकते हैं क्या तैयार है कि नहीं अगर फसल का रंग पीला है तो समझ जाइये की वह तैयार हो चुके हैं कटने के लिए .
- जब 80% प्रतिशत फसल तैयार हो जाती है तो उसकी कटाई कर लेनी चाहिए। क्योंकि फिर बाद में दाने झड़ने लगते हैं। जिससे किसानों का नुकसान हो सकता है। इसलिए जब फसल 80% के करीब पक चुकी रहती है, तो उसके कटाई करना चाहिए।
- अगर किसान देर से कटाई करते हैं तो फसल पूरी तरह से पक जाती है, और फिर कटाई के समय दाने जमीन पर गिरने लगते हैं। जिससे किसानों को नुकसान हो जाता है। इसलिए कटाई का समय बहुत ज्यादा जरूरी होता है।











