PMFBY: किसान की फसल अगर कटने के बाद भी खराब होती है, तो उन्हें मुआवजा दिया जाएगा, आइये जानते हैं इसके लिए किसानों को क्या करना होगा।
कटी फसल खराब होने पर बीमा का लाभ
किसानों की फसल जब तक मंडी में बिक नहीं जाती तब तक किसानों को उसकी चिंता लगी ही रहती है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकार एक किसानों के लिए फसल बीमा योजना चलते हैं। जिससे किसानों को अपने फसल की सुरक्षा की गारंटी मिलती है। किसान अगर इस योजना से जुड़ जाते हैं तो फसल कटने के बाद भी उन्हें मुआवजा दिया जाता है। अगर किसान की फसल बारिश, ओलावृष्टि इत्यादि से खराब होती है, तो किसानों को नुकसान होता है। ऐसे में सरकार से किसानों को मुआवजा दिया जाता है।
जिसके लिए उन्हें फसल बीमा योजना के तहत नोटिफाईड फसलों का बीमा करना होता है। प्रीमियम की दर जमा करनी होती है, जो की बहुत ज्यादा कम होती है। क्योंकि योजना के तहत उन्हें सब्सिडी मिल जाती है। जिसमें राजस्थान राज्य सरकार ने किसानों के लिए ऐलान किया है कि अगर फसल कटने के बाद खराब होती है तो वह 72 घंटे के अंदर इस नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। आइये आपको पूरी बात बताते हैं
फसल बीमा की नई गाइडलाइन क्या है
फसल कटने के बाद भी किसानों को उसकी सुरक्षा की चिंता नहीं रहेगी। अगर प्राकृतिक आपदा के कारण फसल कटने के बाद 14 दिन के अंदर भी फसल खराब होती है, तो राजस्थान राज्य सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार उन्हें बीमा का पैसा मिलेगा। इसके लिए किसान को व्यक्तिगत आधार पर बीमा क्लेम करना होगा। हेल्पलाइन नंबर 1447 पर फोन कर सकते हैं। व्हाट्सएप चैट बट नंबर है 7065514447 इस पर मैसेज कर सकते हैं या फिर कृषि रक्षक पोर्टल या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप को शिकायत कर सकते हैं।
जिस बैंक या स्थानीय कृषि विभाग से आप संपर्क करते हैं वहां पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर सर्वे होगा और फिर उसे आधार पर आकलन किया जाएगा। फिर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि स्थानीय कृषि अधिकारी कर्मचारी और किसान की मौजूदगी में पूरा कार्य होगा। इसलिए किसानों को नुकसान के तुरंत बाद ही शिकायत कर देनी चाहिए। ताकि जल्द से जल्द सर्वे किया जा सके।
फसल बीमा योजना किसानों के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी है। बस कुछ रुपए खर्च करके किसान अपनी फसल की सुरक्षा की गारंटी प्राप्त कर पाते हैं। मौसम तो किसी के हाथ में नहीं रहता कि कब खराब हो जाए।









