काला प्याज की खेती करके किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं, इसकी भंडारण क्षमता अधिक होती है, जिससे नुकसान नहीं होगा और भाव भी ज्यादा मिलता है।
काला प्याज की खासियत क्या है
किसान अगर प्याज के भंडारण से परेशान है कि प्याज जल्दी खराब हो जाती है, अच्छा भाव नहीं मिल पाने के कारण नुकसान हो जाता है, स्टोर नहीं कर पा रहे हैं, तो वह काला प्याज लगा सकते हैं। इसे 6 महीने तक स्टोर कर सकते हैं। जी हां काला प्याज अगर अप्रैल-मई में तैयार हो जाता है तो हार्वेस्टिंग के बाद इसे अक्टूबर तक स्टोर कर सकते हैं, यह खराब नहीं होता है, लंबे समय तक इसकी भंडारण क्षमता होती है। काला प्याज का इस्तेमाल तड़के में ज्यादा किया जाता है। काला प्याज जल्दी सड़ता, गलता नहीं है इसलिए लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
काला प्याज का भाव कितना मिलता है
काला प्याज का भाव भी किसानों को ज्यादा मिलता है। बताया जाता है कि 500 से ₹800 प्रति क्विंटल इसका भाव मिल जाता है। जो की सामान्य प्याज से ज्यादा ही होता है, और स्टोर भी कर सकते हैं। इसलिए कीमत अगर प्याज की गिरती है तो बाद में इसे बेंच सकते हैं तो इसमें भी फायदा है।
काला प्याज की खेती में उत्पादन कितना मिलता है
काला प्याज की खेती में उत्पादन दूसरे प्याज से कम मिलता है। इसका उत्पादन 150 से 180 क्विंटल 1 एकड़ में मतलब की 400 से 450 क्विंटल एक हेक्टेयर में मिल जाता है। काला प्याज की खेती किसान दिसंबर से जनवरी के बीच में करते हैं। उस समय बीज की नर्सरी तैयार की जाती है। फिर उसके बाद रोपाई करते हैं, और फिर मार्च अप्रैल और जैसे जब समय पर लगाते हैं, किसान उस हिसाब से मई के पहले पहले फसल तैयार हो जाती है।
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