आपने आम के पेड़ नहीं लगाए हैं, लेकिन आम बेचना चाहते हैं तो चलिए आपको बताते हैं आम पेड़ों की नीलामी कहां हो रही है।
आम के पेड़ की बोली कहां लग रही
कृषि विश्वविद्यालय के जो आम के बागान होते हैं वह आम के पेड़ों को नीलामी पर भी देते हैं। अगर आप चाहे तो इस सीजन में जो फल आएगा उसकी बोली लगा सकते हैं। उसके फल खरीद सकते हैं, और फिर बेंच सकते हैं। जिसमें रविवार और अन्य त्योहार के दिन पर जो छुट्टी रहती है उस दिन बस आपको आम तोड़ने को नहीं दिया जाएगा। बाकी समय आप आम तोड़ सकते हैं। लेकिन आम के पेड़ को किसी प्रकार से आपको हानि नहीं पहुंचानी है।
दरअसल यहां बात हो रही है पूसा कृषि विश्वविद्यालय के आम बगानों की जहां पर संस्थान द्वारा 1541 आम के पेड़ों के फलों की नीलामी की जा रही है। जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, आइये आपको बताते हैं आवेदन कब कैसे करना है कौन-कौन से चार आम के बागान है जिनके पेड़ों की नीलामी होगी।
आम के पेड़ों के लिए नीलामी के लिए आवेदन
आम के पेड़ों के फलों की बोली लग रही है। जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें टेंडर भरने के लिए डाक या स्पीड पोस्ट के द्वारा विभागाध्यक्ष, उद्यान विभाग, स्नातकोत्तर कृषि महाविद्यालय, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के पते पर भेज सकते हैं। जिसमें बताया गया की न्यूलैब (SRI) आम बाग, पूसा-1,घरारी आम बाग, बिरौली-3, मेजकोठी आम बाग, बिरौली-4 और 5 के पेड़ों की नीलामी होगी यहां। जिससे आम के पेड़ के फल खरीद सकती है।
आम पेड़ों के फल की बोली लगाने के लिए आवेदन की तारीख
आम के फलों की बोली लगाने के लिए आवेदन की तारीख 19 फरवरी 2026 तक है। शाम 5:00 बजे तक टेंडर भर सकते हैं। जिसमें 20 फरवरी को निविदाओं के जो भी आवेदन आएंगे उन्हें खोला जाएगा। उसके 72 घंटे के भीतर आपको₹20000 की जमानत राशि का आधा पैसा जमा करना होगा। बाकी का आधा पैसा 30 अप्रैल 2026 से पहले जमा कर सकते हैं, और फिर आम के पेड़ से फल को तोड़कर बाजार में भेज सकते हैं।
योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए निविदा सूचना एवं प्रपत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.rpcau.ac.in पर जा सकते हैं। वहां पर विस्तार से बताया गया है। यह उन लोगों के लिए अच्छा मौका है जो कि आम के व्यवसाय में रुचि रखते हैं लेकिन उनके पास आम के बाग नहीं है।
यह भी पढ़े- पीएम किसान की 22वीं किस्त कब आएगी? क्या बिना फार्मर आईडी के पैसा मिलेगा, जानिए नियम








