बेर की कुछ ऐसी वैरायटी यहां पर बताने जा रहे हैं जिनकी खेती करके प्रति एकड़ 7 से 8 लाख रुपए की कमाई कर सकते हैं आईए जानते हैं कैसे।
किसान की सफलता की कहानी
नमस्कार किसान भाइयों इस लेख में आपको एक ऐसे किसान की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं जो कि पहले प्राइवेट नौकरी किया करते थे लेकिन उसे छोड़कर अब पति-पत्नी मिलकर खेती करते हैं, और अच्छी कमाई करते हैं। पूरे गांव में प्रसिद्ध हो चुके हैं। दूसरे किसानों से सीख सीख कर खेती करके आमदनी बढ़ा रहे हैं। छोटे से लेकर बड़े किसान सभी उनसे प्रेरणा ले रहे हैं।
किसान का नाम देवी दयाल है, वह उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने 2015 से खेती की शुरुआत की थी, और आज अच्छी खासी इसमें कमाई हो रही है। वह बेर की खेती करते हैं तो आइये बताते हैं कौन सी वेराइटी लगाते हैं, कितना उत्पादन मिलता है, कितनी जमीन में खेती करते हैं।
बेर की बढ़िया वैरायटी
बेर की कई वैरायटी आपको बाजार में देखने को मिलेगी। अब देसी बेर नहीं बल्कि कई नई बेर की वैरायटी आ चुकी है जो किसानों को ज्यादा मुनाफा देती है। जिसमें किसान ने बताया कि थाई ग्रीन, मिस इंडिया, बाल सिंदूरी जैसे बेर की वैरायटी अच्छा मुनाफा दे रही है। वह बताते हैं कि एक पेड़ से औसतन 50 क्विंटल तक उत्पादन मिल जाता है। जिसमें 80 किलो से लेकर 1 क्विंटल तक उत्पादन पेड़ों से मिलता है। वह बताते हैं कि एक एकड़ से 250 क्विंटल उत्पादन मिल जाता है। आईए जानते हैं कितना भाव मिलता है।
बेर का भाव कितना किसान को मिल रहा है
शुरुआत में जब पुरानी वैरायटी की वह खेती किया करते थे तो उन्हें भाव कम मिलता था। लेकिन जब उन्होंने नई वैरायटी को लगाया तो उनका भाव अधिक मिलने लगा। जिसमें लोकल में तो शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हुई मार्केट की, लेकिन बाद में जैसे-जैसे मार्केटिंग शुरू हुई उन्हें भाव अधिक मिलने लगा। जिससे लोकल में ही कमाई होने लगी। उन्हें शुरुआत में बड़े बाजार में ₹80 किलो तक भाव मिला था। लेकिन आसपास के बाजारों में भी अच्छा भाव मिल जाता है।
वह बताते हैं कि जो ग्रीन वैरायटी है वह 25 से 30 रुपए किलो और नई वैरायटी 40 से 45 रुपए किलो तक लोकल मार्केट में भी चली जाती है। मंडियों में वह 50 किलो का नेट में पैक करके भेज देते हैं। बताते हैं कि प्रतिदिन उनको 8 से 10 क्विंटल का उत्पादन मिलता है। जिसे वह मंडियों में भेजते हैं। शुरुआत उन्होंने दो बीघा से की थी, लेकिन आज वह 3 एकड़ में इसकी खेती कर रहे हैं, और गांव के अन्य किसान भी अब एप्पल बेर की बागवानी करने लगे हैं।
जिससे उन्हें भी फायदा हो रहा है। वह बताते हैं कि इस समय प्रति एकड़ में 7 से 8 लाख रुपए का टर्नओवर मिलता है। जिसमें ₹500000 के शुद्ध कमाई हो रही है। इस तरह से बैर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है।











