WINDS: किसानों के लिए यहां पर एक शानदार मशीन की जानकारी लेकर आए हैं जो कि गांव में लग रही है और इससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी।
स्वचालित वर्षा मापी यंत्र
किसानों को खेती में मौसम की सही जानकारी मिलना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। अगर किसान को पता हो कि आज बारिश होने वाली है तो जो कटी हुई फसल उन्होंने खुले में रखी हुई है उसे सुरक्षित जगह पर रख देंगे। जिससे पानी गिरने पर वह खराब ना होगा। अगर किसानों को पता हो कि आज बारिश होने वाली है तो वह खेती से जुड़े जरूरी काम पूरे कर लेंगे। जिससे पानी पौधों को मिल जाएगा। उन्हें सिंचाई अलग से करने की जरूरत नहीं होगी। जैसे की खाद का छिड़काव कर लेंगे।
इसके अलावा सिंचाई भी अगर आज करने वाले हैं और शाम को बारिश होने वाली है तो वह सिंचाई नहीं करेंगे बारिश के पानी से ही काम हो जाएगा। इसलिए सिंचाई का खर्चा बच जाएगा और अगर किसी तरह का पानी गिरने से नुकसान हो रहा है तो किसानों को पहले से पता होगा तो वह सतर्क रहेंगे।
इसलिए स्वचालित वर्षा मापी यंत्र किसानों के लिए बहुत ही ज्यादा मददगार है। इससे किसान नुकसान से बचेंगे। हजारों रुपए अपने बचा पाएंगे। स्वचालित वर्षा मापी यंत्र को ऑटोमैटिक रेन गेज–ARG भी कहते हैं। इसे बिहार के शिवहर जिले के एक गांव हथसार में लगाया गया है। यह गाँव के पास में ही लगा है।
मोबाइल पर मिलेगी गांव के मौसम की जानकारी
किसानों को अब अपने गांव के मौसम की जानकारी के लिए कहीं भटकना नहीं है, उनके मोबाइल पर ही जानकारी मिल जाएगी। केंद्र और बिहार सरकार की वेदर इनफॉरमेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम मतलब की WINDS योजना के तहत इस योजना को लागू किया गया है। जिससे हर ग्राम पंचायत में वर्षा मापी यंत्र लगेंगे और प्रखंड में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित होगा। जिससे किसानों को फायदा होगा।
बिहार में सांख्यिकी विभाग और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास से इस योजना को पंचायत स्तर पर लागू किया जाएगा। जिससे किसान अपने मोबाइल पर भी मौसम की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। किसानों को ऐप दिया जाएगा जिससे बारिश की चेतावनी फोन पर जान पाएंगे।
फसल बीमा का क्लेम का दावा होगा मजबूत
अगर बरसात के कारण किसानों की फसल खराब होती है और वह बीमा क्लेम करते हैं तो कभी-कभी उनके दावे पर लंबी जांच होती है। लेकिन अगर मौसम की सटीक जानकारी मिल जाए कि हां इस गांव में इस दिन वर्षा हुई है तो आसानी से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का फायदा किसानों को मिलेगा। यहां भी किसानों को लाभ है।








