पशुपालकों के लिए खुशखबरी है, पशु मेले में शामिल होने का मौका मिल रहा है, जहां पर पुरस्कार मिलेगा और विभिन्न प्रकार के पशु नस्लों को देखने को मिलेगा।
पशुपालकों को मिलेगा 50 लाख रुपए तक पुरस्कार
पशु मेले का आयोजन होने जा रहा है। जहां पर प्रदेश भर के पशुपालक शामिल होंगे। तथा पशु विशेषज्ञ भी यहां पर होंगे। साथ ही इस पशु मेले में बड़े-बड़े राजनीतिक पद में बैठे महान लोग भी शामिल होंगे। यहां पर पशु पालकों को 50 लाख रुपए तक इनाम मिलेगा और तरह-तरह के पशुओं को देखने का मौका मिलेगा। वैज्ञानिकों से पशुपालन से जुड़ी जानकारी मिलेगी।
41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी
दरअसल, यहां पर बात की जा रही है हरियाणा में होने वाले 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी की जहां पर पशुपालन की नवीनतम तकनीकों को देखने का मौका मिलेगा। वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी पशुपालकों को दी जाएगी। यह पशु मेला 6 से 8 फरवरी के बीच में लगेगा। पशुपालकों को बताया जाएगा कि वह किस तरीके से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर कम खर्चे में पशुपालन से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। यहां पर पशुओं की प्रदर्शनी भी लगेगी। जहां पर उत्कृष्ट नस्लों की 1500 से ज्यादा पशुओं की नस्ल देखने को मिलेगी।
पशु रैम्प-शो का आयोजन होगा। जहां पर देखा जाएगा कि पशुओं की सुंदरता और कद कैसा है। पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ पशुओं के मालिकों को 50 लाख रुपए की पुरस्कार राशि भी दी जाएगी। इतना ही नहीं यहां पर कई सारी चीजे निशुल्क मिलेंगी। तो आइये उसके बारे में जानते हैं।
पशु मेला के लिए निशुल्क बस सेवा और भोजन
पशु मेला में पुरस्कार ही नहीं बल्कि और भी कई चीजे निशुल्क मिलेंगी। जैसे कि भोजन इस मेले में किसानों को, पशु पालकों को, दर्शकों को, निशुल्क भोजन दिया जाएगा और निशुल्क बस सेवा भी शुरू की जाएगी। जिससे प्रदेश के कोने कोने से किसान यहां पर आ सकेंगे। 200 बस मुफ्त चलाई जाएगी। इस मेले में सरकारी और निजी स्टॉल भी लगेंगे। जहां पर योजनाओं के बारे में पशुपालकों को किसानों को जानकारी दी जाएगी।
6 फरवरी को मेले का उद्घाटन होगा जो कि पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा द्वारा किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी को केंद्रीय मत्स्य पालन पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह आएंगे जो की मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित होंगे। 8 फरवरी को मेले का समापन होगा जो कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के उपस्थिति में विजेताओं को सम्मानित करने के बाद होगा। इस तरह से पशुपालकों के लिए यह मेला बहुत ही ज्यादा खास है।









