आम के पेड़ों में अगर 1 साल फल आ रहा है दूसरे साल नहीं आ रहा है तो आइये आपको बताते हैं क्या करना चाहिए ऐसे में।
आम के पेड़ों में बौर फल न आने की समस्या
आम की खेती में किसानों को मुनाफा तो होता है लेकिन कुछ किसानों का कहना है कि उनके बगीचे में कई ऐसे पेड़ है जो कि हर साल फल नहीं देते हैं, उनमें बौर इस समय नहीं आ रही है। क्योंकि इस समय कई पेड़ों में बौर आ रही है। लेकिन जिन पेड़ों में बौर नहीं आ रहे तो उसके पीछे का एक कारण यह होता है कि उनकी वैरायटी ही ऐसी है कि वह एक साल फल देते हैं दूसरे साल फल नहीं देते हैं।
ज्यादातर पुरानी वैरायटी ऐसी है जो की 1 साल फल देती है, और 1 साल नहीं, उत्तर भारत की पुरानी वैरायटी ज्यादातर इस समस्या का सामना कर रही है। इसे एकांतरण की समस्या कहा जाता है, जो की कोई बीमारी नहीं होती है, बल्कि उस वैरायटी के विशेषता ही ऐसी होती हैं तो आइये आपको बताते हैं ऐसे में क्या करना चाहिए।
आम के पेड़ों में हर साल फल लाने के लिए क्या करें
आम के पेड़ों में हर साल फल लाना चाहते हैं तो आपको ऐसी वैरायटी लगानी होगी जो कि हर साल फल देती है जैसे की दक्षिण भारत की वैरायटी ऐसी होती है जो कि हर साल फल देती है। हाइब्रिड साउथ इंडियन वैरायटी का चयन करना चाहिए। जिसमें अल्फांजो, मल्लिका, आम्रपाली वैरायटी ऐसे ही मानी जाती है।
अगर आपने पूरा बगीचा तैयार कर लिया है तब तो आपको कुछ पौधे नए लगा लेने चाहिए। 25% नई वैरायटी लगा लेनी चाहिए। हाइब्रिड वैरायटी लगा लेनी चाहिए जो कि हर साल फल देती हो। जिससे आपको नुकसान आम की खेती में नहीं होगा। इसके अलावा कुछ देखभाल भी करनी चाहिए जिससे इस समस्या को कम किया जा सकता है तो आइये उसके बारे में जानते हैं।
आम के पेड़ों की देखभाल कैसे करें
आपको वैरायटी के अनुसार उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। आम के पेड़ अगर हर साल फल नहीं दे रहे हैं, तो जैसे ही फल जिस साल मिल रहे हैं तो फल तोड़ने के बाद उसकी कटाई छटाई कर दीजिए। फिर कुछ महीनो बाद उसे खाद दीजिए। जिससे समय पर फूल और फल आए तो इससे भी समस्या कम मिलेगी। रोग बीमारी कम आएंगे। समय पर कटाई छटाई खाद और पानी अगर पौधों को मिलता है तो वह अच्छा उत्पादन देते हैं। लेकिन कभी-कभी जलवायु ही ऐसी होती है, उपजाऊ मिट्टी होती है तो उत्पादक किसानों को कम मिलता है।











