MP के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिन किसानों का नुकसान हुआ है सरकार उनकी भरपाई करेगी। सर्वे और मुआवजे के लिए सरकार ने घोषणा की है।
मध्य प्रदेश के इन किसानों की रबी फसल हुई बर्बाद
मध्य प्रदेश में कई किसानों को बहुत ज्यादा बीते कुछ दिनों में नुकसान हुआ है। दरअसल, अचानक बारिश और ओला गिरने लगा। जिससे फसल खराब हुई है। खड़ी फसल का नुकसान हुआ है। किसान बहुत ज्यादा निराशा है, ऐसे में सरकार उनकी सहायता कर रही है। बे मौसम बारिश और ओला वृष्टि से कई जिलों की फसल खराब हुई है।
कुछ एक घंटे में देखते ही देखते मीना की मेहनत पर पानी फिर गया है। इसलिए सरकार ने तुरंत सर्वे करने का निर्देश दिया है। जिसमें बताया जा रहा है कि गेहूं, चना, सरसों, मसूर जैसी रबी फसलों को नुकसान हुआ है। जिसके अंतर्गत भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, और ग्वालियर जिले के आसपास के क्षेत्र के किसानों को इस व्यवस्था बारिश से नुकसान हुआ है।
कलेक्टर और तहसीलदारों को सर्वे के निर्देश
जिन किसानों की फसल खराब हुई है उनके आसपास के क्षेत्र में सर्वे किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने किसानों को राहत देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बारिश ओला से जिन क्षेत्रों की फसल खराब हुई है उनकी क्षति का सर्वे किया जाएगा। कलेक्टर और तहसीलदारों को यह निर्देश दिया गया है कि वह जाए और आकलन करें। जैसे ही सर्वे की रिपोर्ट आएगी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। ज्यादा इंतजार उन्हें नहीं करना पड़ेगा। यानी कि किसानों के लिए यह बहुत अच्छी खबर है।
किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹32000 तक मुआवजा
जब सर्वे होगा तो उसकी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा मिलेगा। जिसमें मान लीजिए कि जिन किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। मतलब की 100% खराब हो चुकी है तो ऐसे में प्रति हेक्टेयर 32000 रुपए उन्हें सहायता राशि मिलेगी। लेकिन अगर उसे 50% ही नुकसान हुआ है। आधा ही तो ₹16000 यानी कि आधा पैसा भी उस हिसाब से दिया जाएगा।
इस तरह से किसानों ने खेती में जो खर्च किया होगा वह सरकार की तरफ से मिल जाएगा। वहीं जिन किसानों की फसल है 25% खराब हुई है तो 9500 एक हेक्टेयर के अनुसार उन्हें मुआवजा मिलेगा। इस तरह से आप देख सकते हैं MP के किसानों के लिए राज्य सरकार तुरंत एक्शन ले रही है।











