गाय-भैंस की जान बचाएगी ₹80 की चीज, यह देसी आविष्कार पशुओं को लोहा निगलने से रोकेगा और सांपों से बचाएगा

On: January 27, 2026 1:27 PM
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मैग्नेटिक बेल कॉलर

गाय-भैंस के पालक अगर पशुओं को चराते समय उन्हें लोहा निगलने से रोकना चाहते हैं, सांपों से बचाना चाहते हैं तो आइये आपको बताते हैं इस देसी आविष्कार के बारे में।

गाय-भैंस को लोहा निगलने से कैसे रोके

गाय भैंस का पालन करके दूध उत्पादन से कमाई बढ़िया होती है लेकिन पशु बेजुबान होते हैं ऐसे में उनकी देखभाल करना एक बड़ी चुनौती होती है। पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें खुले में भी चराना पड़ता है खेतों में ले जाना पड़ता है सड़कों से वह गुजरती है। ऐसे में कभी-कभी हरे चारे के बीच में लोहे की नुकीली कीले पड़ी रहती है जिनसे पशु कभी-कभी चारे के साथ निगल जाते हैं जो कि उनके पेट में जाकर उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं।

गाय भैंस आजकल बहुत ज्यादा महंगे आते हैं ऐसे में बिना पशुपालक की गलती के अगर पशु का स्वास्थ्य बिगड़ जाता है तो पशुपालक को बड़ा तगड़ा नुकसान हो जाता है। लेकिन एक पशुपालक है, जिनका नाम सुब्रमण्यम है, उन्होंने अपने 15 साल के अनुभव के साथ एक मैग्नेटिक बेल कॉलर मतलब की चुंबकीय घंटी पट्टी तैयार की है। जिससे पशुओं को लोहे की कील निगलने से रोका जा सकता है तो आइये बताते हैं कैसे।

मैग्नेटिक बेल कॉलर

मैग्नेटिक बेल कॉलर पशुओं के गले में पहनाया जाता है। जिससे पशु लोहे की कील नहीं निगल पाते हैं। दरअसल यह लोहे के छोटे टुकड़ों को खींच लेता है। जिससे वह पशुओं के मुंह तक नहीं पहुंच पाता है। इसके अलावा इसका एक काम यह भी है कि यह पशुओं को जहरीले सांपों से भी बचा लेता है।

दरअसल, जब घंटी बजती है तो सांप जैसे जानवर भाग जाते हैं, जो कि पशुओं को नहीं काटते हैं। अगर घंटी नहीं बजती है तो अचानक से पशु अगर सांप के आसपास जाते हैं तो वह डर के पशुओं को खा लेते हैं। ऐसे में पशुओं को उनका जहर भी लग जाता है। लेकिन घंटी लगे होने के कारण सांप पहले ही पशुओं से दूर चले जाते हैं।

इस मैग्नेटिक बेल कॉलर को बनाने के लिए पशुपालक ने जुगाड़ किया है। आसपास की चीजों का इस्तेमाल किया है। जिसमें वह बताते हैं कि इसका वजन 500 ग्राम के करीब है। इसमें रस्सी का पट्टा बनाया गया है और चुंबक लोहे का इस्तेमाल करके घंटी बनाई गई है। इसे पशु पालक घर पर खुद बना सकते हैं या किसी लोहार से बनवा सकते हैं। एक बार बनाने के बाद यह तीन से चार साल तक आराम से चल जाती है। जिसमें बाद में कोई खर्चा भी नहीं आता।

गाय-भैंस किसानों की फसलों को नहीं पहुंचाएंगे नुकसान

गाय-भैंस अगर गलती से पशुपालक के हाथ से निकल जाती है तो फिर खेतों में जाकर नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। लेकिन अगर इस घंटी को गले में लगा दिया जाए तो पशुपालक को पता रहता है कि उनकी गाय भैंस कहां पर है, रात के समय भी उन्हें ढूंढ सकते हैं।

इसके अलावा किसानों को भी पता चल जाएगा की खेत के आसपास कोई पशु है, घंटी बजने से उन्हें दूर से ही पता चल जाएगा कि खेतों के पास में फसलों के आसपास पशु आ रहे हैं तो वह पहले ही उन्हें भगा देंगे। अगर किसान का ध्यान नहीं है तो भी घंटी की आवाज से समझ जाएंगे और सतर्क हो जाएंगे। इस तरह से किसानों को भी पशुओं से नुकसान नहीं होगा, अगर वह कभी छूट भी जाती है।

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