चना किसानों के चेहरे पर मुस्कान, MSP में बढोत्तरी, 595 करोड रुपए की सौगात, प्रदेश में खरीदी की तैयारी के निर्देश

On: January 27, 2026 10:57 AM
Follow Us:
चना किसानों को मिली 595 करोड रुपए की सौगात

चना किसानों के लिए अच्छी खबर है, केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपए का खर्च करके MSP पर खरीदी की मंजूरी दे दी है।

चना की MSP में बढोत्तरी

चना किसानों को पिछले साल के मुकाबले इस साल अधिक भाव मिलेगा। क्योंकि केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP में बढ़ोतरी की कर दी है। रबी सीजन में चना की सरकारी खरीदी को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने चना की MSP में 2025-26 सीजन में 210 रुपए की बढ़ोतरी की है। जिससे अब भाव 5875 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। साथ ही आपको बता दे कि किसानों ने राष्ट्रीय स्तर पर चने के रकबे में जोरदार इजाफा किया है। क्योंकि इस साल पिछले साल से ज्यादा किसानों ने चने की खेती की है कई राज्यों में चने का रकबा बढ़ा है।

चना किसानों को मिली 595 करोड रुपए की सौगात

कर्नाटक के चने की खेती करने वाले किसानों को केंद्र सरकार से बड़ी राहत की खबर मिली है। सरकार ने लाखो टन चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की स्वीकृति दी है। जिसके बाद कर्नाटक के लाखों किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का मौका मिला है। जिसके बाद राज्य सरकार ने खरीदी की तैयारी के निर्देश दिए हैं। जिसमें बताया गया कि कर्नाटक के चना के किसानों से सरकार 595.37 करोड रुपए की कीमत से 1.3 चना खरीदा जाएगा। जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान योजना का फायदा उठाएंगे।

चने का रकबा बढ़ा

चने का रकबा इस बार बढ़ा है मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक जैसे कई राज्यों में चने की खेती में इस साल इजाफा हुआ है। जिसमें बताया गया कि कर्नाटक में तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में अधिक इस बार खेती की गई है। जिससे इसका 6.02 लाख टन ज्यादा ही उत्पादन किसानों के द्वारा होगा। बताया गया की 16 जनवरी को 95. 87 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में चने की खेती राष्ट्रीय स्तर पर रबी सीजन में हुई है। जिसमें मध्य प्रदेश की बात करें तो इस साल 15.4 लाख अधिक हेक्टेयर क्षेत्रफल में चने की खेती हुई है।

चने की खेती का रकबा बढ़ने का कारण सरकार द्वारा बढ़ाया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य है। जिसमें किसानों को लागत पर रिटर्न 59% मिलेगा। यह बंगाल चने का भाव बताया जा रहा है जिसकी बढ़ोतरी अक्टूबर 2025 में कैबिनेट की मंजूरी द्वारा की गई है।

यह भी पढ़े- किसानों को बांस के पौधे लगाने पर 60 हजार रु दे रही सरकार, बंजर जमीन में हरा सोना है यह फसल

Leave a Comment