किसानों को बांस की खेती के लिए सरकार 50% अनुदान दे रही है। जिसने प्रति हेक्टेयर किसानों को ₹60000 मिलेंगे।
बांस की खेती में किसानों को फायदा
बांस की खेती में किसानों को बहुत फायदा है। खेती में इसके खर्चा कम आता है, और अगर जमीन उपजाऊ नहीं है, दूसरी फसले नहीं लग पा रहे हैं, तो बांस की खेती कर सकते हैं। बांस की डिमांड भी बढ़ रही है, इसे हरा सोना भी कहा जाता है। बांस का इस्तेमाल कई चीजे बनाने में किया जाता है, बड़ी-बड़ी कंपनियां बांस की डिमांड कर रही है।
बांस से पेपर बनाया जाता है, इससे हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, इंडस्ट्री, कंस्ट्रक्शन, आर्किटेक्चर और इससे दवाई बनाने का भी काम होता है। इसलिए इसकी खेती में किसानों को फायदा है। इसीलिए सरकार भी आधा खर्चा उठा रही है। आईए जानते हैं सब्सिडी के बारे में।
बांस की खेती पर सब्सिडी
बांस की खेती में सरकार किसानों का सहयोग कर रही है। जिसमें बिहार में राष्ट्रीय बांस मिशन योजना के तहत बांस की खेती करने पर 50% सरकार सब्सिडी दे रही है। यानी की कुल खर्च का 50% सरकार से अनुदान के तौर पर मिलेगा। जिसमें बिहार के 27 जिलों के किसानों को इस योजना का फायदा दिया जा रहा है। किसानों को बांस लगाने पर प्रति हेक्टेयर ₹60000 दिए जा रहे हैं।
दरअसल, खर्चा एक हेक्टेयर में सरकार का अनुमान है कि 1.2 लाख रुपए आएगा। जिसमें बताया जा रहा है कि एक पौधे पर ₹300 के खर्चे पर डेढ़ सौ रुपए सरकार से मिलेंगे। अगर किसान के पास पूरी जमीन खाली नहीं पड़ी तो खेत के किनारे पर यानी कि पेड़ों पर भी पौधे लगाकर अनुदान योजना का फायदा उठा सकते हैं।
बांस की खेती पर अनुदान कैसे मिलेगा
बांस की खेती अगर किसान अनुदान पर करना चाहते हैं तो हॉर्टिकल्चर विभाग की इस आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी जमा कर सकते हैं। बांस के पौधे किसानों को सरकार से ही मिल जाते हैं। अधिकृत सप्लायर के जरिए किसानों को पौधा दिया जाता है, जो कि किसान के क्षेत्र और जलवायु के आधार पर दिया जाता है। इस योजना के तहत एक परिवार के दो सदस्य योजना का फायदा उठा सकते हैं। मतलब की पति और पत्नी दोनों योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।










