किसान बलिराम लहाने को प्रदेश भर से सम्मान मिल रहा है। सरकारी योजना से जुड़कर वह आज राष्ट्रपति भवन के न्योते के हकदार हो चुके हैं, इस सरकारी योजना ने बदली किसान की जिंदगी –
किसान को आया राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण
जैसा कि आप जानते हैं 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। जिसमें राष्ट्रपति भवन में भव्य कार्यक्रम होता है। इस कार्यक्रम में किसानों को भी सम्मान दिया जाता है। जिसके लिए महाराष्ट्र के जालना जिले के किसान बलिराम लहाने को न्योता आया है। उस कार्ड को देखकर ही किसान के चेहरे पर चमक है। क्योंकि उस निमंत्रण पत्र को इतने अच्छे तरीके से सजाया गया है। किसान के लिए यह निमंत्रण पत्र ही बड़े सम्मान और गर्व की बात है।
प्रदेश भर के किसान उनको सम्मान दे रहे हैं। किसान बलिराम प्रधानमंत्री के स्कीम का फायदा उठाकर आज इस निमंत्रण पत्र के हकदार हुए हैं, तो आइये आपको उस स्कीम के बारे में बताते हैं जिससे आप भी जुड़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री कुसुम सोलर पंप योजना
दरअसल, किसान प्रधानमंत्री कुसुम सोलर पंप योजना से जुड़े हैं। पहले उनके खेतों में सिंचाई की समस्या थी। पानी की कमी के कारण वह बहुत कम फसलें ले पाते थे, जो भी लगाते थे अच्छा उत्पादन भी नहीं मिलता था। पानी की कमी को देखते हुए उन्होंने पीएम कुसुम सोलर पंप योजना के तहत आवेदन किया और फिर 3 एचपी का सोलर पंप अपने खेत में लगवाया।
अब वह बिना बिजली के भी सिंचाई कर पा रहे हैं, और साल में कई फसल लेकर अपनी आमदनी में वृद्धि कर रहे हैं। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी किया है, और राष्ट्रपति भवन से आए इस निमंत्रण के लिए भी वह धन्यवाद कर रहे हैं।
26 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल होंगे किसान
26 जनवरी के कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों को भी सम्मान दिया जाता है, जो की प्राकृतिक खेती करते हैं, सरकारी योजनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हैं, तो ऐसे में को सरकार सम्मान देती है। जिसमें चुनिंदा किसानों का ही नाम आता है। जिसमें महाराष्ट्र के किसान को भी राष्ट्रपति भवन से सीधा निमंत्रण मिला है। इसके अलावा हरियाणा के रेवाड़ी में भी प्राकृतिक खेती करने वाले यशपाल खोला को आमंत्रित किया गया है। किसान बलिराम भी गणतंत्र दिवस समारोह के निमंत्रण को पाकर बेहद खुश है।
पीएम कुसुम योजना की बात करें तो इसके तहत केंद्र सरकार की तरफ से 60% सब्सिडी सोलर पंप और पावर प्लांट के लिए दी जाती है। इसके अलावा राज्य सरकार भी किसानों को मदद देती है। जिसमें मध्य प्रदेश में तो 10% अंशदान देकर ही किसान अपने खेतों में सोलर पंप पर लगवा सकते हैं। पात्रता की बात करें तो एक किसान जिनके पास पानी की समस्या आ रही है तो ऐसे में वह आधार कार्ड, जमीन के कागज, पासपोर्ट साइज फोटो बैंक खाते के विवरण के साथ आवेदन कर सकते हैं।







