किसानों के लिए वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला तीन तरफा बाजरा हाइब्रिड का विकास किया है जो कि किसानों को कम पानी और अधिक तापमान में भी ज्यादा उत्पादन देगा।
दुनिया का पहला तीन तरफा बाजरा हाइब्रिड
बाजरे की खेती उन किसानों के लिए फायदेमंद होती है जहां पर पानी की समस्या होती है, मौसम भी बदलता रहता है, तापमान अधिक होता है, तो ऐसे ही स्थिति में किसान बाजरे की खेती कर पाते हैं। बाजरा से अच्छा उत्पादन मिल जाता है। जिसमें किसानों ने वैज्ञानिकों का सहयोग करते हुए दुनिया का पहला तीन तरफा बाजरा हाइब्रिड विकसित किया है। जिसका नाम RHB 273 है।
इसे आईसीआरआईसैट द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान के भारतीय संविधान परियोजना ऑन पर्ल मिलेट केंद्र के द्वारा विकसित किया गया है। इसमें कई तरह के गुण है। जिससे किसानों को फायदा होगा।
बाजरा हाइब्रिड RHB 273 से उत्पादन
बाजरा हाइब्रिड RHB 273 के उत्पादन की बात करें तो इसके परीक्षण में अच्छा उत्पादन देखने को मिला है। 2022 से 2024 के बीच 3 साल से 3 राज्यों में लगाया गया और उत्पादन औसतन 2230 किलो ग्राम एक हेक्टेयर से मिला है, जो की अन्य क्षेत्रीय किस्मो की तुलना में 13 से 27 फीसदी तक ज्यादा देखने को मिला है। इसकी और खासियत यह भी है कि यह डाउनी मिल्ड्यू, ब्लास्ट और स्मट जैसे रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता रखता है।
इन राज्यों के लिए RHB 273 वैरायटी है अच्छी
जिन राज्यों में किसानों को पानी की अधिक समस्या आती है, सूखा प्रभावित क्षेत्र है, तो बाजरे के उत्पादन के लिए इस वैरायटी का चयन कर सकते हैं। जिसमें एक्सपर्ट का कहना है कि a1 बेल्ट जैसे कि उत्तर पश्चिमी भारत के राज्य इस वैरायटी का चयन करके अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों को खाद्य और पोषण सुरक्षा में मजबूती लाने में मदद मिलेगी। साथ ही अगर पशुपालन करते हैं तो पशुओं के लिए चारा भी इससे मिलेगा। बाजरा की खेती के लिए विभिन्न राज्य सरकारें भी मदद करती है।











