किसान खेती के आधुनिक तकनीक का ज्ञान लेना चाहते हैं तो उनके लिए अच्छा अवसर है राज्य सरकार उन्हें अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम में शामिल कर रही है।
किसानों को आधुनिक तकनीकी का ज्ञान मिलेगा
खेती में नवाचार देखने को मिल रहा है। जिससे किसानों को फायदा हो रहा है। किसानों के मेहनत समय की बचत होती है। कम संसाधन में भी किसान अच्छा उत्पादन प्राप्त कर पा रहे हैं। इसीलिए बिहार के किसानों को आधुनिक तकनीकी का ज्ञान देने के लिए कृषि विभाग तत्पर है, और कृषि विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसानों को अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिवहन कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।
जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जिससे जनवरी महीने में भी कई परिभ्रमण कार्यक्रम होंगे तो आइये उनके बारे में जानते हैं।
जनवरी में हो रहे कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम
जनवरी में भी किसानों को कई तरह के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। जिससे उनको खेती का ज्ञान होगा। जिसमें बता दे की जनवरी में दो और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। जिसमें एक 19-20 जनवरी को ही शुरू हुआ है, जो की आईसीएआर–आईएआरआई हजारीबाग में 5 दिन का प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इसके अलावा 31 जनवरी से बिहार के किसानों का एक दल केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ जाकर पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीवनदान की तकनीकी का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। जिससे जो पुराने फल के बागान है वहां पर किसानों को उन्हें फिर अच्छा उत्पादन देने लायक बनाने के काम की तकनीकी की जानकारी मिलेगी। जिससे पुराने बागो से भी किसान अच्छी आमदनी कर पाएंगे।
किसानों और पशुपालकों को लगातार मिल रहा प्रशिक्षण
कृषि विभाग की तरफ से किसानों और पशुपालकों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें बकरी पालकों को आईसीएआर केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मखदूम मथुरा में प्रशिक्षण मिला था। जिसमें 20 किसान शामिल हुए थे। इसके अलावा 20 किसानों ने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी में भी प्रशिक्षण लिया है। साथ ही दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर में तीन दिन का शैक्षिक परिभ्रमण कार्यक्रम हुआ था।
इस तरह से लगातार किसानों को पशुपालकों को इस योजना से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, और आगे भी उनको जानकारी मिलेगी। सरकार के इस कार्यक्रम से किसानों को बहुत ज्यादा फायदा हो रहा है। वह दूसरे राज्य के किसानों से मिल रहे हैं। उनके तकनीक को जान रहे हैं जिससे खेती से अधिक आमदनी उन्हें हो रही है।
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