मखाना हार्वेस्टिंग मशीन के जरिए किसान मखाना बिना मेहनत के आसानी से निकाल पाएंगे। समय मेहनत की बचत होगी, जोखिमों से दूर रहेंगे।
मखाना की खेती में फायदा
मखाना की खेती बिहार में बहुत ज्यादा होती है। वहां पर किसानों को मखाना की खेती से अच्छी कमाई होती है। मखाना का उत्पादन किसानों की आय का एक अहम जरिया बन चुका है। मखाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए इसकी अच्छी कीमत किसानों को मिल जाती है। अपने राज्य के साथ-साथ दूसरे राज्य और विदेशों तक मखाना की डिमांड है। इसलिए सरकार भी मखाना की खेती में किसानों को कई तरह से मदद देती है।
मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का निर्माण
मखाना हार्वेस्टिंग मशीन का निर्माण किया गया है, जो कि बिहार के पूर्णिया कृषि कॉलेज के वैज्ञानिकों द्वारा बनाई गई है। बीएयू के अंतर्गत बनी मखाना हार्वेस्टिंग मशीन किसानों के लिए बहुत ज्यादा ही मददगार है। इस मशीन को डीजल इंजन से चलाया जाता है। इसमें फिल्टर सिस्टम भी लगा हुआ है। इसमें एक सेक्शन पाइप है जो तालाब के पानी में जाती है, और फिर इंजन स्टार्ट होकर प्रेशर के द्वारा पानी के साथ मखाना के फल खींचकर ऊपर लाया जाता है।
जिसके बाद मशीन में लगी एक जाल मखाना के दानों को रोककर छानकर पानी को वापस गिरा देती है, और मखाना रह जाता है। जिससे जल्दी मखाना की तुड़ाई होती है। इससे मखाना तोड़ने के लिए इंसानों को पानी में नहीं रखना पड़ेगा और ना ही काटो से नुकसान होगा।
मखाना हार्वेस्टिंग मशीन कब मिलेगी
मखाना के किसान अगर इस मशीन को लेने के लिए इच्छुक है तो बता दे कि इसका सफल परीक्षण हो चुका है, और कृषि मेला में इसे लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद किसान इसे खुद भी देख पाएंगे कि किस तरीके से काम करती है। इस तरह से मखाना उत्पादन करने वाले किसानों को अब काम में आसानी होगी, मेहनत घटेगा, ज्यादा से ज्यादा लोग इस मखाना की खेती से जुड़ पाएंगे जो की मेहनत के डर से अभी तक उसकी खेती नहीं कर पा रहे थे।










