MP के धार जिले के ग्राहकों को मुर्रा भैंस वितरित की गई है। जिसमें उन्हें अनुदान पर पसंद की मुर्रा नस्ल की भैंस मिली है।
मुर्रा नस्ल की भैंस पर अनुदान
दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय करने के लिए मुर्रा नस्ल की भैंस बहुत बढ़िया मानी जाती है। यह ज्यादा मात्रा में दूध देती है। जिसमें पशुपालकों को अनुदान पर मुर्रा भैंस दी जा रही है। मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा पशुपालन और डेयरी विभाग के अंतर्गत डेरी प्लस योजना संचालित की जा रही है। जिसमें मुर्रा नस्ल की दो भैंस अनुदान पर मिलती है। जिसमें हितग्राही के वर्ग के अनुसार उन्हें कम या ज्यादा अनुदान मिलता है। मुख्यमंत्री डेरी प्लस योजना का फायदा 15 हितग्राहियों को मिला है। जिसमें उन्हें दो-दो मुर्रा नस्ल की भैंस मतलब की कुल मिलाकर 30 मुर्रा नस्ल की भैंस मिली है।
पशुपालकों को भैंस चुनने का मिलता है मौका
मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत मुर्रा नस्ल की भैंस अनुदान पर मिलती है। जिसमें एक यह भी फायदा रहता है की हितग्राही अपने पसंद की भैंस चुन पाते हैं। जिसके लिए उन्हें हरियाणा के करनाल ले जाया गया था। जहां पर मुर्रा नस्ल की शानदार भैंसे देखने को मिलती है। वहां पर पशुपालकों ने अपनी पसंद से भैंस को चुना। उसके बाद डॉक्टर विक्रम पवार जो कि पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी है, धार जिले में रहते हैं। उनके द्वारा उन भैंसों की टाइमिंग हुई है। इस योजना के तहत क्या-क्या फायदा मिलता है आइये जानते हैं।
डेयरी प्लस योजना से क्या फायदा मिलता है
डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत सिर्फ अनुदान ही नहीं मिलता है बल्कि और भी फायदे मिलते हैं। जैसे कि पशु बीमा किया जाता है। पशुओं की कुछ समय तक देखभाल भी की जाती है, टीकाकरण का फायदा मिलता है। पशु चिकित्सकों द्वारा उनकी देखरेख की जाती है। जिसमें अनुदान की बात करें तो दो मुर्रा नस्ल की भैंस लेते हैं तो कुल खर्च 2,95,000 आता है। जिसमें 50 से लेकर 75% तक अनुदान मिलता है। जिसमें सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को 50% मिलता है। वहीं अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग को 75% तक अनुदान इस योजना के तहत दिया जाता है।










