पपीते की खेती के लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। जिसमें केंद्र सरकार से 40 और राज्य सरकार से 20 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
पपीते की खेती पर सब्सिडी
पपीते की खेती में किसानों को होने वाले फायदे को देखते हुए राज्य सरकार और केंद्र सरकार किसानों को पपीते की खेती पर भारी भरकम सब्सिडी दे रही है। जिससे पपीते की खेती का खर्चा बचेगा पपीता सेहत के लिए फायदेमंद है। इसकी खेती में लागत को घटाने के लिए सरकारी योजना का फायदा लेकर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। जिसमें बता दे कि बिहार के किसानों को पपीता की खेती के लिए 45000 रुपए तक सब्सिडी मिल रही है, तो आईए जानते हैं योजना के बारे में।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत पपीता का उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को केंद्र और राज्य की तरफ से पपीते की बागवानी पर सब्सिडी जा रही है। जिसमें प्रति हेक्टेयर किसानों को 45000 रुपए मिलते हैं। दरअसल, सरकार का मानना है कि 75000 तक लागत आएगी। जिसमें 40 केंद्र सरकार और 20 फीसदी राज्य सरकार देगी। कुल मिलाकर किसानों को 60% सब्सिडी मिलेगी। जिसमें पहली किस्त में 27000 रुपए और दूसरी किस्त में 18000 रुपए किसानों को मिलेंगे।
इस पपीता की खेती पर सब्सिडी लेने के लिए किसानों के पास 0.25 एकड़ से 5 एकड़ मतलब के दो हेक्टेयर तक की जमीन होनी चाहिए। योजना के अंतर्गत किसान एक हेक्टेयर में 2500 पौधे लगाकर पपीते की खेती करेंगे। जिसमें दो पौधों के बीच की दूरी 2.5 मीटर बताई जा रही है। आईए जानते हैं बिहार के किन 22 जिलों के किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा।
किन जिलों के किसानों को मिलेगा पपीते की खेती पर अनुदान
बिहार के 22 जिलों के किसानों को पपीता की बागवानी पर सब्सिडी जा रही है। जिसमें भोजपुर, बक्सर, लखीसराय, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद, मधेपुरा, बेगूसराय, कटिहार, दरभंगा, गया और भागलपुर के साथ-साथ, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, वैशाली, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, पटना, नालंदा जिलों के नाम आते हैं।
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