किसान फरवरी में किसी एक कम खर्चे में ज्यादा मुनाफा देने वाली सब्जी की खेती की तलाश में है, तो आइये जानते हैं कौन सी फसल सही रहेगी।
फरवरी में ग्वार फली की खेती
इस सब्जी की खेती किसान बेहद कम खर्च में कर सकते हैं। फरवरी में जब किसान सब्जियों की खेती करते हैं तो इस सब्जी की खेती बहुत कम किसान करते हैं, इसलिए मंडी में इसकी आवक कम होती है। जिससे किसान को इसका ज्यादा भाव मिलता है। इसमें रोग बीमारी भी कम लगती है। जिससे इसका खर्चा भी बच जाता है। साथ ही किसान सिंपल विधि से इसकी खेती कर सकते हैं।
इस सब्जी की खेती में किसान को सिर्फ जमीन की तैयारी में और खाद में खर्च करना है। इसे तैयार होने में समय भी कम लगता है। 40 से 45 दिन में तैयार हो जाती है। मंडी में किसान इस सब्जी को लेकर सबसे पहले पहुंचेंगे, अगर फरवरी में इसकी खेती कर लेंगे। तो इसलिए कमाई तो है ही। तो आईए जानते हैं ग्वार फली की खेती कैसे करें, ताकि अच्छा उत्पादन मिले।

ग्वार फली की खेती कैसे करें
ग्वार फली की खेती करने के लिए सबसे पहले आपको खेत की तैयारी करनी है। दो से तीन ट्रॉली पुरानी गोबर के खाद खेत में मिलाये। डीएपी, एमओपी, फंगीसाइड डालकर जुताई करके, बीजों की बुवाई कर सकते हैं। इसमें आप चाहे तो सामान्य विधि से खेती कर सकते हैं, या बेड बनाकर बुवाई कर सकते हैं। 4 से 5 इंच की दूरी में पौधों की रोपाई करें। फरवरी में इसकी खेती कर सकते हैं, पहले सप्ताह में अच्छा समय रहेगा, अगर 11-12 डिग्री से ऊपर का तापमान रहता है तब सही समय इसकी खेती का।
ग्वार फली के बढ़िया वैरायटी
फरवरी में ग्वार फली की खेती करना चाहते हैं तो SL111 वैरायटी का चयन कर सकते हैं, जो ज्यादा पैदावार देती है। साथ ही अपने स्थानीय जलवायु के अनुसार वैरायटी का चयन करें। जल निकासी वाली दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए अच्छी होती है। खेती से पहले बीज का उपचार करें। ग्वार फली की खेती के लिए खेत की गहरी जुताई करें। मिट्टी को भुरभुरा बनाएं। फिर बीज की बुवाई से पहले फफूंदनाशक और कीटनाशक से उपचार करें, ताकि वह रोग-कीट से बच सके, खरपतवार निकलाते रहे बीच में।









