किसानों को उपज का सही भाव मिले, MSP की कानूनी की गारंटी की मांग में अब तेजी देखी जा रही है, 40 दिन जागरूकता यात्रा चलेगी, जो की कन्याकुमारी से कश्मीर तक जाएगी।
MSP की कानूनी गारंटी की मांग
किसान बड़ी मेहनत और लागत के साथ खेती करते हैं। इसलिए उन्हें कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी चाहिए। जिसकी किसान लंबे समय से मांग कर रहे हैं, और अब इस मांग में तेजी देखी जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा/ गैर राजनीतिक ने इसी मांग को लेकर एक बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है। ताकि किसानों को उत्पादन का सही भाव मिले। जिसके लिए वह 40 दिन की जागरूकता यात्रा निकालने जा रहे हैं।
कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागरूकता यात्रा
यह यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलेगी। जिसमें किसानों को जागरूक किया जाएगा। देश भर के किसानों को इस मांग से जोड़ा जाएगा। आपको बता दे की मैसूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ था। जिसमें मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक और कर्नाटक राज्य गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष कुरुबुर शांतकुमार का कहना था कि हम 7 फरवरी से इस जागरूकता यात्रा को शुरू करेंगे। जिसका समापन कश्मीर में होगा। अभी तक उन्हें इस मांग में कोई सरकार से लाभ नहीं मिला है। इसलिए इस यात्रा को करना जरूरी है।
किसान सम्मेलन में प्रधानमंत्री को ज्ञापन
इस महीने भर से ज्यादा की लंबी यात्रा के समाप्त हो जाने के बाद प्रधानमंत्री को इस ज्ञापन को सौपा जाएगा। बता दे की 40 दिन की इस यात्रा में जो भी किसान सम्मिलित होंगे उनके हस्ताक्षर लिया जाएगा। इस यात्रा के लक्ष्य की जानकारी, उद्देश्य की जानकारी किसानों को दी जाएगी। इस यात्रा का समापन 19 मार्च को होगा, जो कि दिल्ली की रामलीला मैदान में किसान सम्मेलन के आयोजन के साथ किया जाएगा और फिर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सोपा जाएगा। जिससे किसानों के इस मांग के पूरे होने के आसार है।
बता दे की न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग साल 2020-2021 से चल रही है जो की लगातार सरकार से मांग कर रहे है।











