मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़ और खिचड़ी का सेवन किया जाता है तो आईए जानते हैं आखिर तिल खाने के पीछे का कारण क्या है।
मकर संक्रांति के दिन तिल क्यों खाया जाता है
मकर संक्रांति हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाते हैं। जिसमें 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जा रही है। कुछ जगहों में लोग 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति मनाएंगे। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। साथ ही उत्तरायण काल शुरू होता है। इस दिन को पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन लोग तिल और गुड़ का दान भी करते हैं। क्योंकि तिल की तरह आप विनम्र बनो और गुड़ खाकर मधुर बोलो हैं।
मकर संक्रांति के दिन तिल खाने के कई कारण है। पौराणिक कथाओं में इसके बारे में जानकारी दी गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य से जुड़ा भी कारण है। क्योंकि तिल खाने से सेहत को कई तरह के फायदे होते हैं, जो लोग परंपराओं को नहीं मानते हैं, तो वह सेहत के फायदे को देखकर तिल गुड़ का सेवन कर सकते हैं, तो आइये आपको बताते हैं मकर संक्रांति के दिन तिल खाने का पौराणिक कारण क्या है।
पौराणिक परंपरा में मकर संक्रांति में तिल खाने का कारण
पौराणिक कथाओं परंपराओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन तिल खाने से सभी तरह के सभी तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है। घर में रिश्तो में मिठास आता है। घर में धन-धान्य भी आता है। क्योंकि जब सूर्य देव और उनके पुत्र शनि देव के बीज नाराजगी हो गई थी, तो शनि महाराज ने तिल से ही सूर्य देव की पूजा की थी तो फिर सूर्य देव उनसे प्रसन्न होकर उन्हें कई तरह के आशीर्वाद देते हैं।
इसलिए कहा जाता है कि अगर मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की तिल से पूजा की जाती है तो आरोग्य की प्राप्ति होती है, अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है तो आईए अब जानते हैं तिल खाने के क्या फायदे हैं, सेहत में क्या-क्या सुधार होता है।
तिल खाने से शरीर को क्या फायदा होता है
तिल खाने से सेहत को कई तरह के फायदे होते हैं। तिल और गुड़ साथ में मिलाकर खाया जाए तो हड्डियां मजबूत होती है। खून की कमी नहीं होती पाचन में सुधार होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सर्दी में तिल गुड़ का सेवन करने से शरीर में गर्माहट आती है। त्वचा, बाल और दिमाग के लिए बहुत अच्छा होता है। तिल में कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं जिससे शरीर को फायदा होता है।











