काला गेहूं और धान किसानों की किस्मत बदल रहा है। जिसमें उन्हें बहुत कम जमीन से ज्यादा आमदनी हो रही है और यह गेहूं धान की वैरायटी सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
काला गेहूं और धान की कीमत कितनी
काला गेहूं और धान की किसानों के सामान्य धान, गेहूं की वैरायटी से ज्यादा कीमत मिल रही है। जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो रही है। आज बात कर रहे हैं इटावा के उत्तर प्रदेश के किसान अरविंद प्रताप सिंह की जो कि धान और गेहूं की खेती से एक बीघा से ही लाखों की कमाई कर रहे हैं। क्योंकि वह नेचुरल काला गेहूं और नेचुरल काली धान लगा रहे हैं। जिसकी कीमत प्रति किलो ₹500 मिल रही है। वह बताते हैं कि यह काला गेहूं और धान सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
काला गेहूं की रोटी अगर खाते हैं तो इसमें आयरन और एंटीऑक्सीडेंट के भरपूर गुण होते हैं जो सेहत को फायदा देते हैं। यह गेहूं मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित होता है, और इसका दाम भी सामान्य गेहूं से ज्यादा होता है। वही काले चावल की बात कर तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बहुत से किसान इसको लगाते हैं जैविक खेती करके कम लागत में ज्यादा मुनाफा लेते हैं तो आईए जानते हैं उत्पादन कितना मिलता है।
नेचुरल काला गेहूं से प्रति बीघा कितना उत्पादन मिलता है
नेचुरल काला गेहूं की खेती की बात करें तो किसान सामान्य तरीके से ही इसकी खेती करते हैं। जैसे दूसरे गेहूं की खेती करते हैं। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक इसकी बुवाई कर सकते हैं। देर से बुवाई करने पर उत्पादन घट सकता है। जिसमें किसान ने बताया कि इस साल उन्होंने 1.25 बीघा में गेहूं की खेती की है। जिससे उन्हें चार क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है और इस तरीके से अगर ₹500 किलो भाव मिलता है तो एक बीघा से ₹40000 की कमाई गेहूं से हो सकती है।
नेचुरल काली धान से कितनी कमाई होती है
नेचुरल काली धान की खेती के बात करें तो इसकी कई वैरायटी बाजार में उपलब्ध है और जैविक तरीके से खेती करने के लिए किसान अधिकतर जैविक खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं। जिसमें वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत, ब्रह्मास्त्र, नीम तेल आदि का इस्तेमाल करते हैं। इसकी फसल 140-150 दिन में तैयार हो जाती है। जिससे किसान एक बीघा से ₹100000 तक की आमदनी ले लेते हैं। किसान ने बताया कि इसके धान से चावल निकालने की दर 70% तक है। जिसमें ₹40000 प्रति क्विंटल तक भाव मिल जाता है।
इस चावल के स्वास्थ्य लाभ भी है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। शुगर के मरीजों के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है। इसमें कैंसर रोधी गुण है जिससे इसकी अच्छी कीमत किसानों को मिलती है। इसकी कीमत सामान्य धान से ज्यादा होती है। किसान घर बैठे इस तरह के धान और गेहूं की बिक्री कर पाते हैं। ऑनलाइन बाजार में भी इसकी डिमांड है।







