पशुओं के लिए सरकार मदद करेगी। जिसके लिए राज्य सरकार इन दो योजनाओं को चला रही है, जिससे किसानों को भी फायदा होगा।
पशुओं की देखभाल के लिए मिलेंगे ₹12000
पशुओं की देखभाल के लिए उनके आवास के लिए उनके चारे के लिए सरकार कई तरह की योजनाएं चलाती है। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की भी कई योजनाएं हैं। जिसमें आज बात कर रहे हैं उत्तराखंड राज्य सरकार की जहां पशु पालन के लिए पशुओं की देखभाल के लिए सरकार हर महीने 12000 देगी। लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्तें बताई गई है, तो आएये उनके बारे में जानते हैं।
गौर सेवक योजना और गौशाला योजना
उत्तराखंड राज्य सरकार की तरफ से गौर सेवक योजना और गौशाला योजना चलाई जा रही है। जिससे पशुपालन के लिए आर्थिक मदद मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य है कि आवारा पशुओं को संरक्षण मिले उन्हें रहने का स्थान मिले, जिसमें आवारा पशुओं का पालन करने पर हर महीने ₹12000 सरकार से मिलेंगे।
दरअसल योजना यह है कि एक व्यक्ति अगर पांच आवारा पशुओं का पालन करता है तो उसे ₹80 हर दिन के हिसाब से मिलेगा। जिससे महीने का ₹12000 होता है। इस योजना के तहत सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं बल्कि जिन पशुओं का आप पालन करेंगे उनका इलाज भी निशुल्क किया जाएगा। मतलब की अधिक खर्च आपके ऊपर नहीं बैठेगा बस आपको उनकी सेवा करनी है।
पशुपालकों के साथ किसानों को भी फायदा
गौर सेवक योजना के साथ-साथ गौशाला योजना की भी शुरुआत की गई है। जिसमें गौर सेवक योजना में पशुओं के पालन के लिए सरकार मदद कर रही है। वहीं गौशाला योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाएं बनाई जाएगी और वहां पर भी पशुओं को पाला जाएगा। तो इस तरह से किसानों को इन दोनों योजनाओं से फायदा हो रहा है। क्योंकि आवारा पशु घर खेतों में घूमते हैं तो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसान बहुत ज्यादा त्रस्त हो चुके हैं।
ऐसे में उत्तराखंड राज्य सरकार किसानों की बहुत ज्यादा मदद करेगी और इससे पशुपालकों को भी फायदा होगा। अगर आवारा पशुओं का वह पालन करते हैं सरकार से आर्थिक मदद मिलती है।
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